नई दिल्ली. एनसीपी के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र में मंत्री नवाब मलिक ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेस कर देवेंद्र फडणवीस के आरोपों का जवाब दिया. नवाब मलिक ने कहा कि देवेंद्र फडणवीस हजारों करोड़ की उगाही में शामिल हैं और उन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए अंडरवर्ल्ड के लोगों को बड़े पदों पर बैठाया. नवाब मलिक ने कहा कि एनसीबी के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े से फडणवीस के अच्छे संबंध हैं, इसलिए वह उन्हें बचाने का काम कर रहे हैं. मलिक ने पूछा कि नागपुर के गुंडे मुन्ना यादव को पद क्यों दिया?
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फडणवीस ने बांग्लादेशी हैदर आज़म को भारतीय नागरिक बनाने का काम किया और उन्हें पद दिया. मलिक ने पूछा कि आपके इशारे पर पूरे महाराष्ट्र में उगाही का काम हो रहा था या नहीं. बिल्डरों से वसूली हो रही थी या नहीं. उन्होने आगे कहा कि देश में पांच साल पहले 8 नवंबर को नोटबंदी हुई. देश में 2000 और 500 के जाली नोट पकड़े जाने लगे, लेकिन महाराष्ट्र में एक साल तक राज्य में जाली नोट का एक भी मामला सामने नहीं आया, क्योंकि देवेंद्र के प्रोटेक्शन में जाली नोट का काम चल रहा था.
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8 अक्टूबर 2017 के दिन BKC में DRI ने रेड में 14 करोड़ 56 लाख के जाली नोट पकड़े लेकिन देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले को रफा दफा कर दिया. जाली नोट चलाने वालों को तत्कालीन सरकार का संरक्षण था. नवाब मलिक ने आगे कहा कि देवेंद्र फडणवीस बताएं कि रियाज़ भाटी कौन है. वह जाली पासपोर्ट के साथ पकड़ा गया था. रियाज़ आपके साथ सभी कार्यक्रम में क्यो नज़र आता था. वह देश के प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में कैसे जाता था. रियाज़ भाटी ने प्रधानमंत्री के साथ फोटो खिंचाई. उन्होंने कहा कि फडणवीस ने जाली नोट मामले को हल्का करने और हाजी अराफात के भाई को बचाने का काम किया है.
I'm fighting against a man who is framing innocent people in fake cases. Devendra Fadnavis is not only diverting my issue but also trying to defend one officer (Sameer Wankhede): Maharastra Minister and NCP leader Nawab Malik pic.twitter.com/SJYLySaiAZ
— ANI (@ANI) November 10, 2021









