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दोहरे हत्याकांड का हुआ खुलासा, पूर्व विधायक ही निकला कातिल

Published on: February 14, 2020
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विष्णुचंद्र शर्मा

रायगढ़. चार वर्ष पूर्व 7 मई 2016 को रायगढ़ के संबलपुरी में पाई गई एक महिला और एक नाबालिग लड़की की लाश मिलने के मामले में अंतत: ओड़िशा के पूर्व विधायक ने अपनी गलती कबूल कर ली है. उसने स्वीकार किया है कि वही हत्या का जिम्मेदार है. दोनों मृतका आपस में मां-बेटी थीं. पूर्व विधायक अनूप साय ओड़िशा के बृजराजनगर से तीन बार विधायक रह चुके हैं. मृतका कल्पना दास एक वकील थीं और विधायक अनूप साय के नाम से खरीदे गए कटक के एक फ्लैट में रहती थीं. इन दोनों के बीच अवैध संबंध था और उसे रास्ते से हटाने के लिए उसका कत्ल कर दिया गया था. पुलिस टीम के अथक प्रयास से घटना के 3.7 वर्ष बाद इस दोहरे हत्याकांड का मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है.

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शुक्रवार को घटना का खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह ने बताया कि सात मई 2016 को संबलपुरी गांव के रहने वाले कमलेश गुप्ता ने चक्रधरनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि हमीरपुर मार्ग एक महिला व एक बालिका की हत्या कर शव की पहचान छिपाने के उद्देश्य से फेंक दिया गया है. जिला पुलिस ने अंतर्राज्यीय ईश्तहार जारी किया गया और इसी ईश्तहार से मृतिका की पहचान उसके पूर्व पति सुनील श्रीवास्तव द्वारा कल्पना दास पिता रूदाक्ष दास (32) और लड़की बबली श्रीवास्तव पिता सुनील श्रीवास्तव (14) के रूप में की. पश्चात मृतिका कल्पना के मोबाइल नंबर का डिटेल निकालकर विश्लेषण कर अन्य साक्ष्य एकत्र किया जाने लगा. मृतिका के कॉल डिटेल पर ओड़िशा के हाई प्रोफाइल व्यक्ति के नाम की जानकारी मिली. संदेही के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य के मिलने पर थाना प्रभारी चक्रधरनगर निरीक्षक विवेक पाटले ने पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह को अवगत कराया. दिशा निर्देशन पर संदेही अनूप कुमार साय से चक्रधरनगर पुलिस ने पूछताछ की. काफी पूछताछ के बाद भी संदेही इस अपराध से अपने आप को दरकिनार किया. लंबी विवेचना के बीच चक्रधरनगर पुलिस ने संदेही के विरुद्ध लिए गए गवाहों के बयान, कॉल डिटेल रिकार्ड व अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों को उसके सामने रखा. संदेही इस पर कोई जवाब नहीं दे पाया और अंतत: टूटकर इस अपराध में अपनी प्रमुख भूमिका को स्वीकार करते हुए घटना करना कबूल कर लिया, जिससे इस अंधे हत्याकांड का खुलासा हुआ.

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आरोपी अनूप कुमार साय पिता हरिशचन्द्र साय (59) निवासी बघरा चकरा थाना बृजराजनगर जिला झारसुगुड़ा (ओड़िशा) ने अपने मेमोरेण्डम कथन में बताया कि वह सन 2004-05 में कल्पना दास को उसके पति सुनील श्रीवास्तव ने छोड़ दिया था. तब कल्पना दास के पिता ने कल्पना और उसकी लड़की बबली को उसके पास भेजा था. मृतका कल्पना व आरोपी पूर्व विधायक के बीच प्रेम संबंध पनपा और दोनों मिलने जुलने लगे. इसके बाद पूर्व विधायक ने एक फ्लैट खरीद कर कल्पना और उसकी बेटी को रहने के लिए दिया और वहां आने-जाने लगा. आरोपी ने बताया कि बाद में कल्पना शादी का दबाव बनाने और पैसे की मांग को लेकर ब्लैकमेल करने लगी. पहले से शादीशुदा आरोपी ने महिला को रास्ते से हटाने के लिए उसकी और उसकी 14 साल की बेटी की निर्ममता से हत्या कर दी और शव को ठिकाने लगा कर फरार हो गया.

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