बसना. ग्राम पंचायत बरोली के रोजगार सहायक पर भ्रष्टाचार कर करोड़ों की संपत्ति अर्जित करने की शिकायत ग्रामीणों ने की है. शिकायत के मुताबिक मनरेगा के तहत तालाब गहरीकरण, भूमि सुधार, डबरी निर्माण, नाली निर्माण, प्रधानमंत्री आवास योजना से लेकर विभिन्न कार्य स्वीकृत हुआ था. उक्त कार्य में रोजगार सहायक ने फर्जी मस्टररोल, मजदूरों का फर्जी नाम डालकर फर्जी बिल व्हाऊचर लगाकर करोड़ों रुपए का भ्रष्टाचार किया है. इनके विरुद्ध ग्रामीणों ने पूर्व में भी शिकायत की थी, पर लेन-देन कर मामले को निपटा दिया गया. बरोली के एक युवक ने प्रधानमंत्री कार्यालय दिल्ली के वेब पोर्टल में शिकायत कर दी थी. तब उस युवक को डरा धमका कर रुपए का प्रलोभन देकर मामले को दबाया गया और केन्द्र से आई जांच टीम को गुमराह किया.
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मामले को दबाने का हर तरह से प्रयास रोजगार सहायक द्वारा किया जाता रहा है. अगर ग्राम पंचायत बरोली में मनरेगा के तहत सभी कार्यों का निष्पक्षता से जांच की जाती है तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा. गौरतलब है कि निवर्तमान सीईओ वर्मा के कार्यकाल में यह रोजगार सहायक बहुत परेशान रहता था क्योंकि वर्मा ईमानदार अधिकारी थे और जांच के लिए फाइल खोल रखी थी. उसी समय उनका तबादला हो गया. ग्रामीणों के मुताबिक पूर्व में उक्त रोजगार सहायक के पास नाम मात्र की पैतृक जमीन थी महज 6 हजार रुपए की नौकरी करने वाले रोजगार सहायक के पास इतनी संपत्ति कहां से आई यह जांच का विषय है. एन्टी करप्सन ब्यूरो से उक्त रोजगार सहायक की संपत्ति की जांच कराई जाती है तो बहुत बड़ा खुलासा होगा.2019/2020 में मनरेगा के तहत कराए गए निर्माण कार्य में भारी भ्रष्टाचार किया गया है. प्राप्त जानकारी के अनुसार बरोली के एक व्यक्ति ने स्वयं की जमीन पर डबरी निर्माण अपने पैसे से किया है. उक्त डबरी को दिखाकर दो बार राशि आहरण कर गबन किए जाने की बात सामने आई है.13/04/2014 को उक्त डबरी में गांव के ही एक युवक की डूबकर मौत हो गई थी. जिसका प्रमाण थाने में उपलब्ध है. उसी डबरी का निर्माण फर्जी तरीके से 2017/18 में दिखाकर राशि आहरण कर गबन किया गया है.
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ऐसे ही कई नामों से डबरी निर्माण, भूमि सुधार कार्य के अलावा फर्जी नामों से बकरी शेड, पशु शेड का निर्माण कर राशि आहरण कर गबन कर लिया गया है. निष्पक्षता से जांच की जाती है तो अनेक नामों से फर्जी तरीके से राशि गबन किए जाने का परिणाम सामने आएगा, वह चौंकाने वाला होगा. शोक पीट, नाडेप टैंक, कितने किसानों का भूमि सुधार हुआ है, किन-किन किसानों के खेत में डबरी निर्माण हुआ है इन सभी की जांच आवश्यक है. ताकि सच्चाई आईने की तरह सामने आ सके. इस संबंध में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत बसना से संचार के माध्यम से संपर्क करने का प्रयास किया गया पर उन्होंने मोबाइल रिसीव नहीं किया. वहीं मनरेगा के कार्यक्रम अधिकारी प्रेमचंद बंजारे ने कहा कि मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों की निष्पक्षता से जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी.
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— Cg Janadesh (@CJanadesh) October 13, 2020







