बागबाहरा. कोमाखान थाने से महज 5 किमी दूर स्थित भिलाई दादर में ओड़िशा ब्रांड शराब की अवैध बिक्री की शिकायतों के बावजूद आबकारी विभाग कुंभकर्णी निद्रा में है. गत दिनों क्षेत्र के गांजर, मुड़ागांव, टेढ़ीनारा, मोखा, लिटियादादर, बसुलाडबरी, बाघामुड़ा, नवागांव सहित क्षेत्र की महिला समूह सदस्यों द्वारा थाना घेरने की चेतावनी के बाद पुलिस ने एक-दो दिन पहले कार्रवाई की खानापूर्ति की है. जानकारी के मुताबिक खरियार रोड से ओड़िशा ब्रांड शराब खुलेआम मुख्य मार्ग एनएच 353 के रास्ते चारपहिया वाहनों से लाया जाता है जबकि कोरोना काल में टेमरी नदी के पास जिला प्रशासन ने पुलिस बल तैनात किया है. वाहनों की जांच कर पुलिस आएदिन मादक पदार्थ तस्करों को पकड़ रही है ऐसे में भिलाईदादर के शराब तस्कर को नहीं पकड़ पाना पुलिस की कार्य प्रणाली पर प्रश्न चिन्ह उठाता है. आबकारी विभाग तो गधे के सिर से सींग की तरह गायब है.
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ग्रामीणों सूत्रों का आरोप है कि आबकारी विभाग की मिलीभगत से इस क्षेत्र में व्यापक मात्रा में शराब की अवैध बिक्री जोरों पर है. इस विभाग के निकम्मेपन के कारण कई जगह शराब की चुलाई भी की जा रही है. अवैध शराब के चलते नदी तट और वनांचल क्षेत्र में यह गोरखधंधा जोरों से फल-फूल रहा है. अवैध गांजा, शराब से पूरा क्षेत्र का माहौल दूषित हो चुका है. आएदिन लड़ाई-झगड़ा आम बात हो गई है. अवैध शराब से अनेक परिवार बर्बाद हो चुके हैं. युवा वर्ग तबाह हो रहे हैं. स्कूली बच्चे अवैध शराब की गिरफ्त में आ रहे हैं. ग्रामीणों ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा है कि ग्राम बांसकांटा में शराब चुलाई का उद्योग संचालित है. पीने-पिलाने वालों का जमघट लगा रहता है पर आबकारी विभाग और पुलिस को शराबियों का जमघट कैसे दिखाई नहीं देता यह समझ से परे है. छत्तीसगढ़ सरकार शराबबंदी करें. कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ में शराबबंदी करने की घोषणा की है पर दो वर्ष का कार्याकाल पूरा होने जा रहा है पर अब तक इस दिशा में उदासीन है. यदि सरकार शराब बंद नहीं कर सकती तो शराब कानून हटा दें और शराब की खुले रुप से बिक्री हो.
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