नई दिल्ली. हरियाणा के सूरजकुंड में आयोजित राज्यों के सभी गृह मंत्रियों की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया के इस दौर में फेक न्यूज से लड़ने का मंत्र दिया. चिंतन शिविर के दूसरे दिन अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि सोशल मीडिया की शक्ति को हमें कम आंकने की जरूरत नहीं है. एक छोटी सी फेक न्यूज पूरे देश में बड़ा बवाल खड़ा कर सकती है. हमें मालूम है कि आरक्षण की एक अफवाह फैल गई, फेक न्यूज चल दिया, जिससे देश को काफी नुकसान झेलना पड़ा था. इसलिए लोगों को हमें एजुकेट (शिक्षित) करते रहना पड़ेगा कि कोई भी चीज आती है तो उसको फॉरवर्ड करने से पहले 10 बार सोचें, कोई भी चीज आती है तो उसे मानने से पहले वेरीफाई करें. उन्होंने कहा कि सारे प्लेटफॉर्म पर वेरीफाई करने की व्यवस्था होती है.
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आपको फैक्ट चेक करने के लिए कुछ सोशल मीडिया पर चक्कर लगाने पड़ेंगे. उन्होंने कहा कि फेक न्यूज की फैक्ट चेक जरूरी है. इसमें टेक्नोलॉजी की बड़ी भूमिका होती है. संदेशों को फॉरवर्ड करने से पहले उन्हें सत्यापित करने के लिए लोगों को तंत्र से अवगत कराया जाना चाहिए. केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से सभी राज्यों के गृह मंत्रियों के लिए आयोजित दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर’ को वीडियो कांफ्रेंस के जरिए संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि प्रत्येक राज्य को एक-दूसरे से सीखना चाहिए, प्रेरणा लेनी चाहिए और आंतरिक सुरक्षा के लिए एक साथ मिलकर काम करना चाहिए. उन्होंने कहा कि कानून एवं व्यवस्था की स्थिति संविधान के अनुसार राज्य का विषय हैं, हालांकि वह देश की एकता एवं अखंडता से समान रूप से संबद्ध है.
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