बागबाहरा. जैन सम्प्रदाय के खरतरगछ संघ की सबसे उम्रदराज जैन साध्वी परम पूज्य श्रीपुष्पा जी मसा (102) का देवलोक गमन हो गया. उनका लालन-पालन, विवाह, दीक्षा बागबाहरा में ही हुआ, 64 वर्ष के अपने साध्वी जीवन में देश के कोने-कोने मे अपने अनुयायियों को धर्म लाभ कराने के बाद अस्वस्थता के चलते पिछले 9 वर्ष से बागबाहरा के विमलनाथ जैन मंदिर में विराजित थीं. ब्लॉक के मुनगासेर, बोड़रीदादर के सांखला परिवार की बेटी और बागबाहरा के श्रीश्रीमाल परिवार की बहू पतासी बाई का जन्म इंदौर के करोन्दिया में पिता शिवलाल व माता केसरबाई के आंगन में हुआ. उनके चार भाई थे. व्यवसाय के सिलसिले में शिवलाल जी अपने भाई रानीदान जी के साथ छुईखदान आए.
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जहां से वे बागबाहरा आकर समीप के ग्राम मुनगासेर व बोड़रीदादर को अपना कर्मक्षेत्र बनाया और कृषि कार्य और व्यवसाय करने लगे. आज भी इनके परिवार के सदस्य इन्हीं गांवों में निवासरत हैं और कुछ व्यापार को आगे बढ़ाने बागबाहरा, महासमुंद और खरियाररोड में स्थापित हो गए. 11 वर्ष की उम्र में पतासी बाई का विवाह बागबाहरा के ख्यातनाम व्यवसायी परिवार में जमनालाल जी श्रीश्रीमाल के साथ बोड़रीदादर सांखला परिवार के आंगन में हुआ था. पति के निधन के बाद काफी वर्ष ससुराल में बिताने के बाद रतलाम के जैन मंदिर में हुए एक पल के घटनाक्रम ने उनके जीवन की दिशा ही बदल दी और उन्होंने जैन साध्वी बनने का निर्णय लिया. फिर 39 वर्ष की उम्र में रति श्री जी मसा को अपना गुरु मान वे साधु जीवन की कठिन राह पर चल पड़ीं. उनकी दीक्षा बागबाहरा पब्लिक हाईस्कूल में हुई थी.
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और यहां से शुरु हुआ पतासीबाई का पुष्पा श्री जी मसा का सफर. पहला चातुर्मास राजनादगांव फिर नागपुर, जलगांव, इंदौर सहित देश के विभिन्न नगरों का विचरण कर जैन धर्म का पताका फहराते हुए हजारों-लाखों अनुयायियों को धर्मलाभ कराते हुए राजस्थान फलोदी पहुंचीं. अस्वस्थता के चलते बागबाहरा जैन श्री संघ सेवा दर्शन लाभ लेने विगत 9 वर्षों पूर्व बागबाहरा ले आए तब से बागबाहरा नगर के विमलनाथ जैन मंदिर में विराजित थीं. रविवार रात 11 बजे को उनका देवलोक गमन हो गया. सोमवार सुबह जैन मंदिर प्रागंण से जैन खरतगच्छ परंपरा अनुसार पालकी सुबह 10:30 बजे निकाली गई. इस पालकी यात्रा में प्रदेश के विभिन्न शहर और ओडिशा प्रांत से सामाजिक भाई-बहन सहित बागबाहरा नगर के विभिन्न समुदाय से जुड़े नागरिक मौजूद रहे. साध्वी श्री पुष्पा श्री जी मसा का पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार नगर के मणीलाल जी लालचंद जैन के फार्म हाउस में किया गया.







