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चंद्रयान-2 : हार्ड लैंडिंग के बाद भी ‘विक्रम’ में टूट-फूट नहीं, संपर्क की कोशिशें जारी

Published on: September 9, 2019
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नई दिल्ली. चंद्रयान-2 के लैंडर विक्रम को लेकर भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) की ओर से बड़ा बयान सामने आया है. इसरो के एक अधिकारी के मुताबिक चंद्रमा की सतह पर हार्ड लैंडिंग करने के बावजूद लैंडर विक्रम में कोई टूट-फूट नहीं हुई है, वह सही सलामत है. लेकिन इसरो के अधिकारी ने साथ ही बताया है कि लैंडर झुकी हुई पोजीशन में है. फिलहाल इसरो लैंडर विक्रम से दोबारा संपर्क साधने की कोशिश में जुटा हुआ है. इसरो ने बताया कि ऑर्बिटर द्वारा भेजे गए चित्र के अनुसार यह एक ही टुकड़े के रूप में दिखाई दे रहा है. इसरो के अधिकारी ने आगे कहा, ‘जब तक सब कुछ समझ में नहीं आ जाता, लैंडर विक्रम को लेकर उम्मीदें बरकरार हैं. हालांकि लैंडर विक्रम से संपर्क स्थापित करने की संभावना बेहद कम है.

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उन्होंने कहा कि अगर वहां एक सॉफ्ट लैंडिंग हुई है और सभी सिस्टम सही तरह काम कर रहे हैं तभी विक्रम लैंडर से संपर्क किया जा सकता है. इसरो के वैज्ञानिकों का कहना है कि लैंडर विक्रम एक तरफ झुका दिखाई दे रहा है, ऐसे में कम्युनिकेशन लिंक वापस जोड़ने के लिए यह बेहद जरूरी है कि लैंडर का ऐंटीना ऑर्बिटर या ग्राउंड स्टेशन की दिशा में हो. हमने इससे पहले जियोस्टेशनरी ऑर्बिट में गुम हो चुके स्पेसक्राफ्ट का पता लगाया है लेकिन यह उससे काफी अलग है. अधिकारी ने आगे बताया कि लैंडर विक्रम के लिए ऊर्जा इकट्ठा करना कोई बड़ी परेशानी की बात नहीं है, क्योंकि इसके चारों ओर सोलर पैनल हैं और इसमें एक आंतरिक बैटरी है जिसका अधिक उपयोग नहीं किया गया है. इससे वह अपनी ऊर्जा की खपत पूरी कर सकता है.

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