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तहसीलों की सूची में नाम न देख मायूसी, स्मिता ने कहा- खल्लारी को एक बार फिर छला गया

Published on: August 15, 2021
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बागबाहरा. जनपद अध्यक्ष स्मिता हितेश चंद्राकर ने कहा कि 75वें स्वतंत्रता दिवस के दिन छत्तीसगढ़ कांग्रेस सरकार ने प्रदेश में नए जिले और तहसील की घोषणा की है. खल्लारी क्षेत्र को विश्वास था कि कांग्रेस सरकार स्वतंत्रता दिवस पर यहां के लोगों को तोहफा देगी पर नए जिले और तहसीलों की सूची में खल्लारी का नाम न देख क्षेत्र में मायूसी छा गई. उन्होने कहा कि खल्लारी क्षेत्र को एक बार फिर छला गया है. बजट सत्र में खल्लारी क्षेत्र की उपेक्षा की गई तब भी यहां के लोगों में बेहद नाराजगी थी. श्रीमती चंद्राकर ने कहा कि महासमुंद लोकसभा और खल्लारी विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस ने लंबे समय तक प्रतिनिधित्व किया है पर खल्लारी क्षेत्र का जैसा विकास होना था वैसा नहीं हो पाया है. पूर्व की भांति इस बार भी प्रदेश सरकार ने खल्लारी विधानसभा क्षेत्र की उपेक्षा की है.

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महासमुंद जिले क्षेत्र का विकासखण्ड बागबाहरा के सबसे पुराना राजस्व निरीक्षक मंडल खल्लारी एवं कोमाखान वर्तमान में बागबाहरा तहसील क्षेत्र में है. कोमाखान राज दरबार के नाम से ख्याति प्राप्त है. कोमाखान वनांचल क्षेत्र से घिरा हुआ है. यहां जैसे विकास होना चाहिए था वो हो नहीं पाया. इस क्षेत्र के लोगों को लंबा सफर कर बागबाहरा तहसील मुख्यालय जाना पड़ता है. उन्होने कहा कि कोमाखान व खल्लारी के तहसीलदार शहरी ब्लॉक मुख्यालय बागबाहरा में बैठते हैं. इन दोनों क्षेत्र के ग्रामीणों को राजस्व संबंधित काम के लिए बागबाहरा आना पड़ता है जिससे किसानों को भारी नुकसान होता है. लंबे समय से कोमाखान और खल्लारी को उप तहसील का दर्जा देकर उपतहसील न्यायालय की स्थापना किया जाना था पर वर्तमान आदेश में इन दोनों जगह का नाम नहीं होने से लोगों में निराशा है. कोमाखान एवं खल्लारी में थाने की स्थापना की गई. इन थाना क्षेत्र में कोई चालान प्रस्तुत करना होता है तो पुलिस को आरोपियों को बागबाहरा लाना पड़ता है.

वहीं किसानों को अपनी जमीन संबंधी काम के लिए बागबाहरा जाना पड़ता है. यदि इन दोनों जगहों पर नायब तहसीलदार कार्यालय की स्थापना कर दी जाती तो लोगों को सुलभ न्याय मिलने की गुंजाइश बढ़ जाती पर ऐसा हुआ नहीं. यही नहीं, बागबाहरा में लंबे समय से व्यवहार न्यायालय और रजिस्ट्री कार्यालय खोलने की मांग लंबित है उस पर सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही है. अध्यक्ष स्मिता ने कहा कि बागबाहरा ब्लॉक के 242 गांवों के लोगों को 50-65 किलोमीटर सफर तय कर जिला मुख्यालय महासमुंद में रजिस्ट्री और न्यायालय संबंधित काम के लिए जाना पड़ता है जिसके लिए उन्हें रुपए खर्च करने पड़ते है. खल्लारी क्षेत्र के नागरिकों ने अधिकांश समय कांग्रेस पर विश्वास जताते हुए क्षेत्र का प्रतिनिधित्व सौंपा है पर बदले में कांग्रेस ने खल्लारी को दिया कुछ भी नहीं.

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उन्होने कहा कि खल्लारी क्षेत्र विकास के मामले में पिछड़ा हुआ है. शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, शुद्ध पेयजलपूर्ति, आवागमन पुल-पुलिया सहित भूमि रजिस्ट्री एवं व्यवहार न्यायलय की स्थापना आदि का अभाव, सरकारी दफ्तरों के लिए भवन का अभाव, मरीजों के लिए सर्जन, डॉक्टरों का अभाव क्या यह जरुरी और आवश्यक नहीं है. अध्यक्ष चंद्राकर ने कहा कि खल्लारी अपनी उपेक्षा का बदला और जवाब समय आने पर जरुर देगा. सरकार की क्रियाकलापों को देखकर लगता है कहीं खल्लारी नेतृत्वहीन तो नहीं हो गया. मुख्यमंत्री जी खल्लारी ने भी कांग्रेस का विधायक दिया है? अध्यक्ष ने प्रदेश सरकार पर यह भी भरोसा किया था कि स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री प्रदेश के सबसे बड़े सामाजिक बुराई शराबबंदी करने की घोषणा करेंगे पर कांग्रेस सरकार इस पर मौन साधे रहे.

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