महासमुंद. भारतीय जनता पार्टी की महासमुंद ज़िला भाजपा अध्यक्ष व पूर्व संसदीय सचिव रूपकुमारी चौधरी ने महासमुंद ज़िले में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के लिए उपहार सामग्री की ख़रीद में की गई 20 लाख रुपए और महासमुंद ज़िले में ही मई माह के लिए वितरित रेडी टू ईट सामग्री में 10 लाख रुपए की आर्थिक अनियमितता को लेकर कार्रवाई की मांग के साथ अपने घर में ही धरना पर बैठे ज़िला महिला बाल विकास अधिकारी सुधाकर बोदले को पुलिस द्वारा ज़बरिया उठाकर ले जाने, चिकित्सकीय परीक्षण कराने और बाद में धारा 151 में निरुद्ध करने को प्रदेश सरकार की बौखलाहट करार दिया है.
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उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार और आला नौकरशाहों से इन अनियमितताओं पर क़ारग़र कार्रवाई की मांग को लेकर गुहार लगाते ज़िला महिला बाल विकास अधिकारी बोदले को अंतत: शासन-प्रशासन का ध्यान आकृष्ट करने के लिए यह क़दम उठाने बाध्य होना पड़ा. प्रदेश सरकार बजाय अनियमितताओं की जाँच और दोषियों पर कार्रवाई करने के अधिकारी बोदले को अपने लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित करके अपने असहिष्णु राजनीतिक चरित्र का प्रदर्शन कर रही है. श्रीमती चौधरी ने कहा कि इससे यह तो आईने की तरह साफ़ हो गया है कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार मुक्त छत्तीसगढ़ के नाम पर सिर्फ़ सियासी जुमलेबाजी ही कर रही है और भ्रष्टाचार को राजनीतिक व सत्तावादी संरक्षण दे रही है.
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उन्होने ज़िला महिला बाल विकास अधिकारी बोदले की भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ शुरू की गई इस लड़ाई को एक नई मिसाल बताते हुए बोदले के नैतिक साहस की जी भरकर सराहना की और बताया कि श्री बोदले को नैतिक मनोबल प्रदान करने रविवार को पूर्व संसदीय सचिव पूनम चंद्राकर, नगरपालिका अध्यक्ष प्रकाश चंद्राकर और पूर्व भाजपा ज़िला अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह गोल्डी ने उनसे धरनास्थल पर जाकर भेंट की और उनको इस लड़ाई में अपना समर्थन दिया. बाद में पूर्व विधायक डॉ. विमल चोपड़ा ने भी भाजपा ज़िला महिला मोर्चा की टीम के साथ श्री बोदले से मुलाक़ात कर उनके आंदोलन के प्रति समर्थन व्यक्त किया. श्रीमती चौधरी ने बोदले को अकारण प्रताड़ना दिए जाने की आलोचना कर उन्हें तत्काल मुक्त करने और आर्थिक अनियमितताओं की जाँच व दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है.
मुख्यमंत्री विवाह योजना व रेडी-टू-ईट में गड़बड़ी पर कार्रवाई नहीं, अनशन में अफसर https://t.co/Jrp0KrqmUl
— Cg Janadesh (@CJanadesh) May 16, 2021







