नई दिल्ली. मध्य प्रदेश के उज्जैन में वर्ष 2011 में भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं से भिड़ंत के मामले में इंदौर की विशेष अदालत ने कांग्रेस के राज्य सभा सांसद दिग्विजय सिंह समेत 6 लोगों को शनिवार को एक-एक साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई. अदालत ने सभी 6 दोषियों पर 5-5 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया. विशेष न्यायाधीश मुकेश नाथ ने दिग्विजय और उज्जैन के पूर्व लोक सभा सांसद प्रेमचंद गुड्डू को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 325 (जान-बूझकर गंभीर चोट पहुंचाना) और धारा 109 (दूसरे लोगों को मारपीट के लिए उकसाना) के तहत दोषी ठहराया, जबकि चार अन्य व्यक्तियों-अनंत नारायण, जय सिंह दरबार, असलम लाला और दिलीप चौधरी को धारा 325 के तहत दोषी करार दिया गया.
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अदालत ने मामले के तीन अन्य आरोपियों-उज्जैन जिले के तराना क्षेत्र के कांग्रेस विधायक महेश परमार, मुकेश भाटी और हेमंत चौहान को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया. बाद में विशेष न्यायाधीश ने दिग्विजय समेत सभी 6 दोषियों की अपील पर उनकी सजा पर फौरी रोक लगा दी और उन्हें 25,000-25,000 रुपए की जमानत पर रिहा कर दिया. जमानत पर रिहा होने के बाद दिग्विजय ने कहा कि वह विशेष अदालत के फैसले के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील करेंगे. उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को ‘झूठी’ करार देते हुए कहा कि मेरा नाम घटना की मूल FIR में आरोपी के रूप में दर्ज ही नहीं था. बाद में पुलिस ने राजनीतिक दबाव के चलते मेरा नाम आरोपियों की सूची में शामिल किया था.
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