नई दिल्ली. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के डायरेक्टर डॉ. रणदीप गुलेरिया का कहना है कि भारत की आर वैल्यू लगातार बढ़ रही है और यह चिंता का कारण है. उन्होने कहा कि 0.96 से शुरू हुई आर वैल्यू अब 1 से अधिक हो गई है. आर वैल्यू का बढ़ना चिंता का कारण है. इसको ऐसे समझ सकते हैं कि जब किसी एक संक्रमित व्यक्ति से यह संक्रमण दूसरे व्यक्ति में फैलता है. जिन क्षेत्रों में यह संक्रमण बढ़ रहा है वहां सख्ती करनी चाहिए. साथ ही संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए टेस्ट, ट्रैक और ट्रीट की रणनीति अपनानी चाहिए. आर फैक्टर को कोरोना संक्रमण के बढ़ने की संख्या का सूचकांक कहा जाता है.
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इस हफ्ते अमेरिकी की हेल्थ अथॉरिटी सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोन एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोना वायरस का डेल्टा वेरिएंट वायरस के अन्य सभी वेरिएंट की तुलना में अधिक गंभीर बीमारी का कारण हो सकता है और चिकनपॉक्स के रूप में आसानी से फैल सकता है. इसे समझाते हुए डॉ गुलेरिया ने कहा कि खसरा या चिकन पॉक्स में 8 या उससे अधिक की आर वैल्यू होती थी, जिसका मतलब है कि एक व्यक्ति आठ अन्य को संक्रमित कर सकता है. इससे पता चलता है कि कोरोना वायरस अत्यधिक संक्रामक है. हमने देखा कि भारत में दूसरी लहर के दौरान पूरे परिवार संक्रमित हो रहे थे. यह चिकन पॉक्स के साथ भी होता है. इसी तरह जब एक व्यक्ति डेल्टा वेरिएंट से प्रभावित होता है, तो पूरा परिवार असुरक्षित हो जाता है.
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