महासमुंद. भारतीय जनता पार्टी की जिला अध्यक्ष और पूर्व संसदीय सचिव रूपकुमारी चौधरी ने महासमुंद में मेडिकल कॉलेज को मिली मान्यता व अनुमति को लेकर संसदीय सचिव विनोद चंद्राकर द्वारा लिए जा रहे श्रेय को राजनीतिक पाखंड का निर्लज्ज प्रदर्शन बताया है. श्रीमती चौधरी ने कहा कि भाजपा के क्षेत्रीय सांसद चुन्नीलाल साहू के अनथक प्रयासों व स्वास्थ्य मंत्रालय से सतत चर्चा का सुपरिणाम रहा है कि महासमुंद के मेडिकल कालेज को इस सत्र से प्रारंभ करने की अनुमति मिली है, इसलिए कांग्रेस के लोगों और जनप्रतिनिधियों को अपनी राजनीतिक बेहयाई से बाज आना चाहिए. श्रीमती चौधरी ने कहा कि झूठा श्रेय लूटने और झूठ का बाजार सजाने में कांग्रेस के लोगों को जरा भी लज्जा अनुभव नहीं हो रही है.
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बात-बेबात केंद्र सरकार को कोसकर अपनी राजनीतिक आजीविका चलाने वाले कांग्रेस के लोगों को केंद्र सरकार द्वारा महासमुंद में इस सत्र से मेडिकल कॉलेज खोलने की दी गई अनुमति पर अपना वृथा गाल बजाना शोभा नहीं देता. इस मेडिकल कॉलेज के खुलने का श्रेय केवल, और केवल भाजपा नेताओं, जनप्रतिनिधियों व भाजपानीत केंद्र सरकार को जाता है. श्रीमती चौधरी ने कहा कि प्रदेश की कांग्रेस सरकार के भरोसे तो यह मेडिकल कॉलेज महासमुंद के लिए सिर्फ बनकर रह जाती. प्रदेश सरकार और उसकी चाटुकार मंडली को इस कॉलेज के लिए अपने मुंह मियां मिठ्ठू बनने से पहले अपने गिरेबां झांक लेना चाहिए. श्रीमती चौधरी ने कहा कि यह मेडिकल कॉलेज तो पिछले दो सत्र पहले ही खुलनी थी, लेकिन सियासी लफ्फाजियां करने वाली प्रदेश की अकर्मण्य कांग्रेस सरकार ने कॉलेज खोले जाने की न तो जरूरी औपचारिकताएं पूरी की और न ही जरूरी और बुनियादी व्यवस्था पूरी करने पर ध्यान दिया जिसके कारण पिछले दो सत्रों में महासमुंद मेडिकल कॉलेज की अनुमति तक नहीं मिली थी. प्रदेश सरकार ने तो अब भी बुनियादी व्यवस्था नहीं की है और न ही संसाधन जुटाए हैं.
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बावज़ूद इसके केंद्र सरकार ने राज्य सरकार द्वारा इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमियां दूर कर लिए जाने और संसाधन जुटा लेने की प्रत्याशा में इस कॉलेज को खोलने की अनुमति दी है. श्रीमती चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने महासमुंद जिले को आकांक्षी जिला घोषित कर यहां मेडिकल कॉलेज खोलने की स्वीकृति दी थी लेकिन प्रदेश सरकार और कांग्रेस के लोगों को शर्म महसूस करनी चाहिए कि 50 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार से मिलने के बाद भी प्रदेश सरकार दो साल से एक अदद कॉलेज का इन्फ्रास्ट्रक्चर तक खड़ा नहीं कर पाई और अब आंखों की शर्म को ताक पर रखकर झूठी वाहवाही बटोर रहे हैं. कांग्रेस की प्रदेश सरकार की अकर्मण्यता के चलते दो सौ छात्रों को अपने अध्ययन से वंचित रहना पड़ा.







