नई दिल्ली. Cartosat-3 को बुधवार सुबह श्रीहरिकोटा से सफलतापूर्वक प्रक्षेपित कर दिया गया. यह दुश्मन की हर गतिविधि पर पैनी नजर रखेगा. इसे ले जाने वाले राकेट पीएसएलवी से अमेरिका के 13 छोटे उपग्रह भी भेजे गए. इसके पहले कार्टोसेट सीरीज के आठ उपग्रह भेजे जा चुके हैं. बेहतर क्षमता और नवीनतम तकनीकी वाला यह उपग्रह श्रीहरिकोटा केंद्र से सुबह 9:28 बजे रवाना हो गया है. इसरो ने बताया, हाल ही में बनाई गई व्यावसायिक शाखा न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड ने पहले ही 13 अमेरिकी नैनोसैटलाइट प्रक्षेपित करने के लिए समझौता किया था.
करीब 1625 किलोग्राम वजनी कार्टोसेट-3 को 509 किलोमीटर दूर कक्षा में स्थापित किया जाएगा. कार्टोसेट-3 की आयु पांच वर्ष होगी. कार्टोसैट-3 के सफल प्रक्षेपण के बाद पीएम मोदी ने इसरो को बधाई दी. उन्होंने ट्वीट कर लिखा कि मैं इसरो टीम को पीएसएलवी-सी 47 द्वारा स्वदेशी कार्टोसैट-3 उपग्रह और संयुक्त राज्य अमेरिका के एक दर्जन से अधिक नैनो उपग्रहों के सफलतापूर्वक प्रक्षेपण के लिए बधाई देता हूं. कार्टोसैट-3 हमारी हाई रिज्योलूशन इमेजिन क्षमता को बढ़ाएगा. इसरो ने एक बार फिर देश को गौरवान्वित किया है.
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