रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा के संसदीय इतिहास में गुरूवार को एक बड़ी घटना हुई जब सदन में राज्यपाल के अभिभाषण का विपक्षी दलों ने बहिष्कार कर दिया. बहिष्कार में भाजपा के साथ-साथ जोगी कांग्रेस के विधायक शामिल थे. राज्यपाल के अभिभाषण को दो सत्रों में करने को लेकर विपक्ष ने नाराजगी जताई है. दरअसल, विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र अनुसूचित जाति और जनजाति आरक्षण संशोधन विधेयक को आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार के अनुसमर्थन में बुलाया गया है.
विपक्ष की नाराजगी राज्यपाल के अभिभाषण को दो सत्रों में समाहित किए जाने को लेकर है. विपक्ष ने आरोप लगाया कि राज्यपाल का अभिभाषण संवैधानिक परंपरा के अनुरूप नहीं कराया जा रहा है. संविधान संशोधन के अनुसमर्थन पर चर्चा होगी और उस दिन ही कृतज्ञता ज्ञापन प्रस्ताव पर चर्चा भी. भाजपा विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने राज्यपाल के अभिभाषण शुरू होने से पहले ही आपत्ति दर्ज कराई थी. इधर, विपक्ष के विरोध के बीच संसदीय कार्य मंत्री रविंद्र चौबे ने कहा कि यह बहिष्कार विपक्ष की राजनीति है. इस संबंध में पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर रमन सिंह ने कहा है कि आज सदन की परम्परा टूटी है. हम इसके भागीदार नहीं बन सकते थे इसलिए हमने राज्यपाल के अभिभाषण का बहिष्कार किया है.
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