पिथौरा/बलौदाबाजार. बलौदाबाजार वनमंडल के अंतर्गत लवन परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक 113 में एक और हिंसक वन्यप्राणी भालू की करंट से मौत हो गई. माना जा रहा है कि वन क्षेत्रो में लगातार करंटयुक्त लोहे की तार के फंदे शिकार हेतु लगाए जा रहे हैं. उसी फंदे में फंसने से भालू की मौत हुई होगी. जानकारी के अनुसार शुक्रवार सुबह एक भालू का शव संदिग्ध परिस्थितियों में अर्जुनी से खैरा मार्ग के बीच कक्ष क्रमांक 113 में मिला है. मृत भालू की मौत 24 घंटे पहले होने का अनुमान लगाया जा रहा है पर वन विभाग द्वारा गस्त नहीं किए जाने के कारण विभाग को पता ही नहीं चला कि भालू की मौत करंट से हो चुकी है.
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विभाग के अनुसार भालू की मौत कैसे हुई यह रहस्य बना हुआ है जबकि ग्रामीणों के अनुसार करंट लगने से उसकी मौत हो हुई है. जहां पर भालू मृत अवस्था में पड़ा है वह स्थान वन्य प्राणियों चीतल एवं जंगली सुअर के आने-जाने का स्थान है. इसलिए सम्भव है कि शिकारियों द्वारा वहां करंटयुक्त तार बिछाई होगी जिसकी चपेट में भालू को आया देख शिकारी हमेशा की तरह अपना सामान समेट कर भाग गए होंगे. इसी स्थान पर ऊपर से 11 केवी हाई टेंशन विद्युत तार गुजरा है. बहरहाल 20 घंटे के बीत जाने के बाद भी मौका ए वारदात पर वन अमले का ना पहुंचना वन परिक्षेत्र अधिकारी की निष्क्रियता को दर्शाता है.
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इधर, शुक्रवार शाम 4 बजे कसडोल से पशु चिकित्सा विभाग के डॉ. लोकेश वर्मा ने मौके पर पहुंचकर भालू का पोस्टमार्टम किया एवं उन्होंने भालू के करंट से मरने की पुष्टि की है. घटना की जानकारी मिलते ही उप वन परीक्षेत्र अधिकारी आशुतोष ठाकुर ने तत्परता दिखाते हुए पशु चिकित्सक को फोन कर घटनास्थल पर बुलवाया एवं पोस्टमार्टम करवाया.







