नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में बुधवार को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में एक अध्यादेश पास किया गया है, जिसके बाद अब स्वास्थ्यकर्मियों पर हमला करने वालों के खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाएगा. इसमें 3 महीने से सात साल तक की सजा का प्रावधान है. केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी दी. उन्होने कहा कि कई जगह डॉक्टरों के खिलाफ हमले की जानकारी आ रही हैं, सरकार इन्हें बर्दाश्त नहीं करेगी. सरकार इसके लिए एक अध्यादेश लाई है. जिसके तहत कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है. उन्होने कहा कि महामारी रोग अधिनियम, 1897 में संशोधन कर अध्यादेश लागू किया जाएगा.
http://मजदूरों की सेहत जांचने पर्याप्त प्रबंध करने राज्य सरकार को सांसद ने लिखा पत्र
मेडिकलकर्मियों पर हमला करने वालों को जमानत नहीं मिलेगी, 30 दिन के अंदर इसकी जांच पूरी होगी. एक साल के अंदर फैसला लाया जाएगा, जबकि 3 महीने से 5 साल तक की सजा हो सकती है और 50 हजार से 2 लाख तक का जुर्माना भी लगाया जाएगा. इसके अलावा गंभीर मामलों में 6 महीने से 7 साल तक की सजा का प्रावधान है. साथ में दोषी पर एक लाख रुपए से लेकर 5 लाख रुपए तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है. अध्यादेश के अनुसार, अगर किसी ने स्वास्थ्यकर्मी की गाड़ी पर हमला किया तो मार्केट वैल्यू का दोगुना ज्यादा भरपाई की जाएगी.
http://गृह मंत्रालय ने जारी की नई गाइडलाइन, अब खुलेंगी मोबाइल रिचार्ज, किताब की दुकानें
In case of grievous injuries, the accused can be sentenced from 6 months to 7 years. They can be penalised from Rs 1 Lakhs to Rs 5 Lakhs: Union Minister Prakash Javadekar pic.twitter.com/VEXjQVz2x8
— ANI (@ANI) April 22, 2020









