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आरक्षण की प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद शहरी सत्ता के लिए दर्जनभर दावेदार

Published on: September 21, 2019
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बसना. नगरीय निकाय चुनाव के लिए अध्यक्ष पद हेतु आरक्षण की प्रक्रिया गत दिनों पूरी हो गई. अब यह तय हो गया है कि शहरी सत्ता की लड़ाई किस वर्ग के बीच होगी. बसना नगर पंचायत परिषद के अध्यक्ष पद को पिछड़ा वर्ग आरक्षित किया गया है. यानी कि पिछड़ा वर्ग पुरुष अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ सकेंगे. हालांकि, अब पार्टियां तय करेंगी कि टिकट किसे देना है. खास बात यह कि वर्ष 2005 और 2010 में भी यहां अध्यक्ष पद पिछड़ा वर्ग पुरुष हेतु आरक्षित था. वर्ष 2005 में हुए चुनाव में तौकीर सरवर दानी और वर्ष 2010 के चुनाव में श्रीमती परमजीत सिंह कौर नपा अध्यक्ष चुने गए थे. उसके बाद वर्ष 2014 में नपा अध्यक्ष की सीट सामान्य पुरुष हो गई, जिसमें सम्पत अग्रवाल भारी मतों के अंतर से चुनाव जीतकर अध्यक्ष चुने गए. वर्तमान में वे नपा अध्यक्ष पद पर काबिज हैं.

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भारतीय जनता पार्टी से प्रबल दावेदार 1952-53 में बसना के प्रथम विधायक रहे स्व. अब्दुल हमीद दानी के सुपौत्र अहसान दानी हैं. अहसान दानी वर्तमान में भाजपा अल्पसंख्यक वर्ग के जिला महामंत्री हैं. राष्ट्रीय पार्टियों के उम्मीदवार अपने करीबी बड़े नेताओं के अलावा नगरवासियों के सतत संपर्क में हैं. युवाओं के मुताबिक राष्ट्रीय पार्टी में होने के बावजूद एहसान दानी का पार्टीगत राजनीति से ऊपर उठकर युवाओं और समाज के सभी वर्गों में अच्छी पकड़ है. दानी की स्वच्छ छवि तथा नि:स्वार्थ सेवा भावना के लोग कायल हैं. यही वजह है कि नगर में दर्जनों उम्मीदवार होने के बावजूद दानी का नाम सर्वप्रथम लिया जा रहा है.

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