भगतराम वधवा
बसना. क्षेत्र से दीगर प्रांतों में कमाने-खाने गए मजदूरों के लौटने का सिलसिला अनवरत जारी है. प्रतिदिन मजदूर और उनका परिवार बस अथवा विभिन्न साधनों से यहां पहुंच रहे हैं. शुक्रवार रात भी मजदूरों का जत्था नगर तक तो पहुंच गया पर आगे गांव तक उनके पहुंचने के लिए साधन उपलब्ध नहीं था. स्थानीय जनपद सीईओ पवन देव को इन मजदूरों के आने की जानकारी दी गई तो उन्होने दो टूक यह कहकर अपना पल्ला झाड़ लिया कि- नाश्ते-भोजन के लिए हमें शासन से कोई फंड नहीं मिला है. हम कुछ नहीं कर सकते, जनसहयोग से सब चल रहा है. उन्होंने कहा कि नोडल अधिकारी बनाए हैं तथा कॉलेज में क्वॉरंटाइन की व्यवस्था की गई है. सरपंचों को जानकारी देकर वाहन भेजने हेतु निर्देश दिया जाता है.
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वाहन भेजने का विरोध कर रहे ग्रामीण
उन्होंने बताया कि अब नई समस्या सामने आई है अनेक सरपंच बोल रहे हैं कि ग्रामीण वाहन भेजने का विरोध कर रहे हैं. ग्रामीणों का कहना है जो वाहन ट्रैक्टर या अन्य जिसमें मजदूरों को लेने भेजा जाएगा उसके चालक को भी 14 दिन के लिए क्वॉरंटाइन करेंगे तभी जाने देंगे. बताया जा रहा है कि क्वॉरंटाइन में रखे गए मजदूरों के भोजन की व्यवस्था के लिए पंचायतों को शासन से कोई फंड नहीं मिला है. इधर, संबंधित मजदूरों के परिजन ही उनके राशन कार्ड से राशन देने तैयार नहीं हैं जिससे पंचायतों के समक्ष समस्या उत्पन्न हो गई है. बता दें कि बाहर से आ रहे मजदूरों के दल का स्वास्थ्य जांच कराने के बाद उनके गांव तक भेजने की व्यवस्था अब तक थाना प्रभारी वीणा यादव और स्थानीय पुलिस की टीम ही कर रहीं हैं.
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