पारस सांखला
बागबाहरा. भीमखोज, जोरातरई, रैताल, कोमा, बीकेबाहरा, पतेरापाली, गाड़ाघाट के ग्रामीणों ने जनपद अध्यक्ष स्मिता हितेश चंद्राकर को अपनी समस्याएं बताई. ग्रामीणों ने बताया कि गांव में अनेक ऐसे परिवार हैं जिनके पास राशन कार्ड नहीं है जिससे उन्हें दिक्कत हो रही है. राशन कार्ड के लिए आवेदन जमा कर दिया गया है पर कार्ड अब तक बना नहीं है. पेंशनधारी हितग्राहियों को लंबे समय से पेंशन राशि का भुगतान न होने से कठिनाई हो रही है. अनेक बुजुर्ग महिला, पुरुषों के हाथ की रेखा मिट गई है जिससे बैंक से राशि आहरण नहीं कर पा रहे हैं. अनेक जगह पेयजल और निस्तारी की समस्या उत्पन्न हो रही है गांवों में पीने हेतु पानी का उचित प्रबंध करें.
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मनरेगा के माध्यम से ग्रामीणों को काम देने की आवश्यकता
अध्यक्ष ने बताया कि वे गांव-गांव जाकर लोगों से मिल रहीं हैं. लोगों को पर्याप्त राहत देने की आवश्यकता है. स्थानीय स्तर पर सभी को रोजगार मिले इसके लिए अधिकाधिक काम प्रारंभ कराना होगा. सैकड़ों की तादाद में मजदूर गांव में खाली बैठे हैं. वर्षा ऋतु में मनरेगा का काम बंद हो जाता है इसलिए दो महीने के लिए व्यापक पैमाने पर मनरेगा के माध्यम से ग्रामीणों को काम देने की आवश्यकता है. अनेक जगह तालाब के काम नहीं हैं ऐसे जगहों पर सड़क निर्माण की मांग पंचायत द्वारा की जा रही है पर सड़क जैसे निर्माण कार्य की स्वीकृति जिला प्रशासन क्यों नहीं कर रहा है यह समझ से परे है.
पतेरापाली में भी काम के इंतजार ग्रामीण
अध्यक्ष ने कहा कि गर्मी के दिनों में ग्रामीण पानी की समस्या से जूझते हैं. नीति आयोग के रिर्पोट अनुसार 122 देशों में हम 120 नंबर पर हैं. देश में 70 प्रतिशत पानी प्रदूषित बताया जा रहा है. प्रदूषित पानी पीने से हर साल दो लाख लोग मर जाते हैं. ग्राम पंचायत पतेरापाली में पानी का भीषण संकट है. नाला में थोड़ा सा पानी है उसमें निस्तारी से खुजली हो रही है. यहां चार सौ मजदूर हैं यहां मात्र साठ लोगों को ही हम राहत दे पा रहे हैं शेष मजदूर काम के इंतजार में हैं.
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खट्टी में लाखों की पानी टंकी खाली
ओड़िशा सीमावर्ती पंचायत खट्टी में पेयजल व्यवस्था हेतु शासन ने पानी टंकी का निर्माण कराया है. पर टंकी में पानी भरने कराया गया नलकूप खनन विगत 6 महीने से सूखा है. सरपंच ने बताया कि एक किलोमीटर दूर नदी है वहां से टंकी में पानी भरने पाइप लाइन बिछाकर इस समस्या से मुक्ति पाई जा सकती है. अध्यक्ष ने जिला प्रशासन से कहा है कि पंचायतों की मांग अनुसार काम स्वीकृत की जाए ताकि अधिकतम लोगों को इस योजना के माध्यम से राहत दी जा सके. जल संकटग्रस्त गांवों में पानी की समुचित व्यवस्था कर समस्या से ग्रामीणों को निजात दिलाएं. इस दौरान जनपद सदस्य धरमोतीन बाई, सांसद प्रतिनिधि हितेश चंद्राकर भी साथ थे.
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— Cg Janadesh (@CJanadesh) April 24, 2020







