नई दिल्ली. भारत सरकार ने कोरोना ट्रैकिंग ऐप आरोग्य सेतु को लॉन्च किया है. इसे एंड्रॉयड और आईओएस दोनों यूजर इस्तेमाल कर सकेंगे. इसे इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मिनिस्ट्री के अंतर्गत आने वाली राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र ने तैयार किया है. इस ऐप के जरिए कोरोना वायरस या कोविड-19 को लेकर यूजर तक न सिर्फ सटीक और सही जानकारियां पहुंचाई जाएंगी बल्कि उन्हें किसी कोरोना संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से भी रोका जा सकेगा. ऐप में एक चैटबॉट भी है, जिसमें यूजर को कोरोना महामारी से जुड़े सवालों के सही जवाब देते हैं. इसके जरिए न सिर्फ यूजर अपने अंदर कोरोना के लक्षणों की पहचान कर सकेंगा बल्कि ऐप यह भी पता लगाता है कि जाने-अनजाने में यूजर किसी कोरोना संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में तो नहीं आया. इसके आधार पर यह यूजर को अगला कदम उठाने की सलाह देता है.
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अगर यूजर हाई रिस्क एरिया में हैं तो ऐप उसको कोरोना वायरस टेस्ट कराने, हेल्पलाइन पर फोन करने और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाने के लिए सलाह देता है. इसके लिए ऐप को कोरोना पीड़ितों के डेटाबेस से जोड़ा गया है, हालांकि यह धीरे-धीरे ऐप खुद का डेटाबेस भी तैयार करेगा. ऐप यूजर को इस महामारी से बचाने के टिप्स देता है बल्कि संक्रमित पाए जाने पर सरकार तक जानकारी पहुंचाता है. कोरोना ट्रैकर ऐप आरोग्य सेतु फिलहाल 11 भाषाओं में काम करेगा जिसमें हिंदी और अंग्रेजी भी शामिल हैं. यह ब्लूटूथ और लोकेशन एक्सेस कर काम करता है. इसे इस्तेमाल करने के लिए सबसे पहले यूजर को मोबाइल नंबर से ऐप में रजिस्टर्ड होना होगा. इसके बाद ऐप यूजर से कुछ निजी जानकारियां मांगेगा जोकि ऑप्शनल है. प्राइवेसी के बात करें तो सरकार का दावा है कि ऐप पर सभी महत्वपूर्ण जानकारियां इनक्रिप्टेड फॉर्म में स्टोर होंगी और किसी थर्ड पार्टी वेंडर के साथ इन्हें शेयर नहीं की जाएगा.
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