नई दिल्ली. निर्भया के दोषी मुकेश का फांसी से बचने का एक और दांव फेल हो गया है. सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने उसकी एक याचिका ठुकरा दी जिसमें उसने अपनी पूर्व वकील वृंदा ग्रोवर के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की थी. सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इस मामले पर सुनवाई की. जस्टिस अरुण मिश्रा की पीठ ने कहा कि मुकेश की याचिका सुनवाई योग्य ही नहीं है. याचिका में मुकेश ने एमिकस क्यूरी वृंदा ग्रोवर पर कानूनी उपचारों के बारे में गलत जानकारी देने का आरोप लगाया है.
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याचिका में कहा गया था कि ग्रोवर ने 7 जनवरी को जारी हुए डेथ वारंट के बाद एक सप्ताह के भीतर क्यूरेटिव याचिका दायर करने के लिए मजबूर किया था, जबकि उसे इस बारे में जानकारी नहीं दी गई कि जुलाई 2018 में रिव्यू पिटीशन खारिज होने के बाद वह तीन साल के भीतर क्यूरेटिव याचिका दायर कर सकता है. बता दें कि अगर कोई कानूनी रुकावट नहीं आती है तो निर्भया के चारों दोषियों को 20 मार्च को फांसी होनी है.
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2012 Delhi gang rape case: Supreme Court orders dismissed as withdrawn, the petition filed by one of the death row convicts Mukesh, seeking action against his former lawyer Vrinda Grover. "The petition is not mainatainble," Justice Mishra said and dismissed the petition. pic.twitter.com/BmfOBtpLJU
— ANI (@ANI) March 16, 2020









