नई दिल्ली. राजस्थान के सिरोही जिले में एक नाबालिग लड़की के अपहरण और दुष्कर्म के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया. पूछताछ में उसने दावा किया कि वह लड़का नहीं, लड़की है. इसलिए वह दुष्कर्म कर ही नहीं सकती. पुलिस ने आरोपी की बातों पर पहले यकीन नहीं किया. लेकिन उसके बार-बार खुद को लड़की बताने पर मेडिकल परीक्षण करवाया गया. रिपोर्ट देखकर पुलिस को यकीन नहीं हुआ. रिपोर्ट्स के अनुसार सिरोही में 28 नवंबर को एक नाबालिग लड़की ने खुद के अपहरण और दुष्कर्म का केस दर्ज करवाया था.
https://Nokia C31 भारत में लॉन्च, ट्रिपल कैमरे के साथ तीन दिन की बैटरी लाइफ
उसने पुलिस को बताया कि मेड़ा निवासी शंकर (25) ने उसका अपहरण कर लिया और 2 दिनों तक उसके साथ रेप करता रहा. पुलिस ने पीड़िता से आरोपी का हुलिया पूछा और आरोपी को 5 दिसंबर को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह लड़की को लेकर जरूर गया था, लेकिन उसने दुष्कर्म नहीं किया. उसने दावा कि वह दुष्कर्म कर ही नहीं सकता, क्योंकि वह लड़का नहीं, लड़की है. पुलिस ने आरोपी का मेडिकल परीक्षण करवाया. मेडिकल परीक्षण में शंकर का दावा सच साबित हुआ और वह पुरुष नहीं महिला है.
https://सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की बिलकिस बानो की पुनर्विचार याचिका
मेडिकल में आरोपी के औरत होने की बात सामने आने के बाद पुलिस ने दुष्कर्म का मामला तो झूठा पाया, लेकिन नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने का दोषी पाया. बाद पुलिस ने आरोपी महिला को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया. पुरुष बनकर रह रही महिला ने पुलिस को बताया कि उसके माता-पिता की काफी समय पहले ही मौत हो चुकी थी. भाई ने उसे कहीं बेच दिया था. खरीदने वाले ने उससे शादी कर ली. उसकी तीन साल की एक बेटी है. पति के छोड़ने पर वह घर चलाने के लिए लड़का बनकर रहती थी.









