नई दिल्ली. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यवर्ती दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) संशोधन नियम, 2022 जारी किए हैं. नए नियमों के तहत अब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध सामग्रियों एवं अन्य मुद्दों को लेकर दर्ज शिकायतों का संतोषजनक निपटारा करने के लिए सरकार तीन महीने में अपीलीय समितियों का गठन करेगी. ये पैनल मेटा (फेसबुक, इंस्टाग्राम, वाट्सऐप) और ट्विटर जैसी सोशल मीडिया कंपनियों द्वारा सामग्री के नियमन के संबंध में किए गए फैसलों की समीक्षा कर सकेंगे. शुक्रवार को जारी गजट अधिसूचना के मुताबिक तीन महीने के अंदर ही ‘शिकायत अपीलीय समितियां’ गठित कर दी जाएंगी.
https://आजम खान की विधायकी गई, स्पीकर सतीश महाना ने रद्द की विधानसभा सदस्यता
इन अपीलीय समितियों के गठन के लिए सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 में कुछ फेरबदल किए गए हैं. अधिसूचना में कहा गया है कि केंद्र सरकार सूचना प्रौद्योगिकी संशोधन नियम, 2022 के लागू होने की तारीख से तीन महीने के भीतर अधिसूचना द्वारा एक या अधिक शिकायत अपीलीय समितियों का गठन करेगी, जो कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से जुड़ी शिकायतों का निपटारा करने में सक्षम होंगी. हर एक समिति में एक चेयरपर्सन और केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त दो स्थायी सदस्य होंगे. इनमें से एक पदेन सदस्य होगा और दो स्वतंत्र सदस्य होंगे. अधिसूचना के मुताबिक शिकायत अधिकारी के निर्णय से असहमत कोई भी व्यक्ति, शिकायत अधिकारी से सूचना मिलने से तीस दिनों के भीतर अपीलीय समिति में शिकायत कर सकता है.
https://कुएं में गिरे तीन हाथी, वन अमला ने रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाला









