हिंदू धार्मिक शास्त्र के अनुसार 16 दिनों तक चलने वाला पितृ पक्ष पूरी तरह से हमारे पितरों को समर्पित होता है. हिंदू पंचांग के अनुसार पितृ पक्ष का आरंभ भाद्रपद मास की पूर्णिमा से होता है और समापन आश्विन मास की अमावस्या पर होता है. इस बार पितृ पक्ष का आरंभ 10 सितंबर से हो रहा है और यह 25 सितंबर तक चलेगा. ज्योतिषियों के मुताबिक पितृ पक्ष में इन चीजों का भूलकर भी सेवन नहीं करना चाहिए- शास्त्रों के अनुसार, इस दौरान मूली और गाजर का सेवन नहीं करना चाहिए. दरअसल, मूली और गाजर को अशुद्ध माना जाता है. पक्का चावल जिसे उसना भी कहा जाता है इसका सेवन भी पितृपक्ष में वर्जित माना गया है.
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पूजा-पाठ के काम में अरवा चावल का इस्तेमाल किया जाता है. जिसे कच्चे चावल के नाम से भी जाना जाता है. इसका सेवन आप कर सकते हैं. पितृपक्ष में मसूर की दाल का सेवन नहीं करना चाहिए. दरअसल, ऐसा करना अशुभ माना जाता है. ज्योतिष शास्त्र में मसूर दाल का संबंध मंगल से माना गया है और मंगल क्रोध का कारक है, इसलिए मसूर दाल का सेवन पितृपक्ष में मना किया गया है. शास्त्रों में अरबी का सेवन भी पितृपक्ष में वर्जित माना गया है. इसलिए इस दौरान अरबी और करेला का सेवन भूलकर भी न करें. वरना आपके पितृ आपसे नाराज हो सकते हैं. पितृपक्ष में दूध का सेवन नहीं करना चाहिए. हालांकि, आप जिस दिन पितरों की तिथि है उस दिन उनके नाम सा खीर बना सकते हैं. दरअसल, खीर को पितरों का भोजन माना गया है. इसलिए खीर का सेवन आप कर सकते हैं.
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