पिथौरा. समीप के बसना वन परिक्षेत्र के जेवरा जंगल में जंगली सुअर के हमले से एक वृद्ध गंभीर रूप से घायल हो गया. दूसरी ओर वृद्ध का खून सुअर के शरीर में जाते ही सुअर की घटनास्थल पर ही मौत हो गई. बसना रेंजर एसआर निराला ने इस संबंध में बताया कि रविवार पहर बसना वन परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक 295 ग्राम जेवरा के जंगल में जेवरा निवासी 65 वर्षीय बुजुर्ग हरिचरण केंवट और एक अन्य महिला के साथ बकरी चरा रहे थे. बकरी चराते समय अचानक उनके सामने एक जंगली सुअर आ गया. इससे पहले कि वे भाग पाते जंगली सुअर ने हरिचरण पर हमला कर उसे लहूलुहान कर दिया. बताया गया कि जंगली सुअर ने पहले महिला पर हमला करने की कोशिश की लेकिन महिला को बचाने हरिचरण उससे भिड़ गया.
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जिससे सुअर ने बुजुर्ग पर हमला कर लहूलुहान कर दिया. जिससे हरिचरण स्वयं को बचा नहीं पाया और हमले में बुरी तरह जख्मी होकर वहीं गिर गया. इधर, हमले के बाद जंगली सुअर की वहीं बुजुर्ग के पास ही मौत हो गई. राहगीरों ने उक्त घटना देखकर इसकी सूचना वन विभाग बसना को दी. घटना की सूचना मिलते ही परिक्षेत्र अधिकारी बसना सुखराम निराला और सहायक परिक्षेत्र अधिकारी अपने मातहत कर्मचारियों के साथ घटनास्थल पहुंचे और बुजुर्ग को वहां से अस्पताल पहुंचाया गया. हमले के बाद से ही खड़े-खड़े हालत में ही जंगली सुअर की मौत हो चुकी थी. इधर, घायल को 5000 रुपए की तात्कालीक सहायता दी गई है.
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बुजुर्ग की जड़ी-बूटी के असर से सुअर की मौत
वन विभाग बसना द्वारा मृत जंगली सुअर को बसना डिपो लाकर पोस्टमार्टम कराया गया. बाद शव को जला दिया गया. सुअर की मौत के बारे में ग्रामीणों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में सांप का विष असर न करे इसके लिए जड़ी-बूटी का सेवन किया जाता है. जिससे जड़ी-बूटी खाने वाले व्यक्ति का पूरा शरीर जहरीला हो जाता है. घायल हरिचरण ने भी जड़ी-बूटी खाई थी लिहाजा उनका शरीर विषैला हो गया. इधर, जंगली सुअर ने हरिचरण का खून पिया और उसकी तत्काल वहीं मौत हो गई. इस बात की संभावना वन अफसर भी व्यक्त कर रहे हैं. वहीं पशु चिकित्सक सुअर की मौत का कारण हार्ट अटैक को बता रहे हैं. क्योंकि जंगली सुअर के शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं पाए गए. बहरहाल, हमला कर लहूलुहान करने वाले वन्य प्राणी की घटनास्थल पर ही मौत अब जांच का विषय बन चुकी है.
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