नई दिल्ली. हिमाचल प्रदेश केहमीरपुर जिले के उपमंडल नादौन के रहने वाले स्वास्थ्य विभाग से सेवानिवृत्त डॉक्टर ने अपनी पत्नी की अंतिम इच्छा को पूरा करते हुए सरकार को वारिस बनाकर अपनी करोड़ों की चल-अचल संपत्ति सरकार के ही नाम कर दी. पंचायत जोलसप्पड़ के गांव सनकर के डॉ. राजेंद्र कंवर (72) 33 वर्षों बाद स्वास्थ्य विभाग से और उनकी पत्नी कृष्णा कंवर शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त हुईं थीं. एक वर्ष पूर्व पत्नी का देहांत हुआ था. दोनों की इच्छा थी कि उनकी कोई संतान न होने के चलते वे अपनी चल-अचल संपत्ति सरकार के नाम वसीयत कर देंगे, क्योंकि उन्होंने सरकारी नौकरी के दौरान ही सब कुछ अर्जित किया है.
डॉ. कंवर ने बताया कि करीब 5 करोड़ की संपत्ति को सरकार के नाम वसीयत की है, क्योंकि पत्नी की अंतिम इच्छा को पूरा करने के लिए बाकी रिश्तेदारों के साथ बैठ कर यह निर्णय लिया है. उन्होंने संपति को सरकार के नाम करने पर संतुष्टि जाहिर की है. डॉ. राजेन्द्र कंवर ने बताया कि जिन लोगों को घर में जगह नहीं दी जाती है और वृद्धावस्था में दर-दर की ठोकरें खानी पड़ती हैं. ऐसे लोगों के लिए मेरे करोड़ों के घर में सरकार रहने का बंदोबस्त करे. उन्होंने बताया कि सरकार के साथ वसीयतनामे में यह शर्त रखी गई है. डॉक्टर राजेन्द्र कंवर ने लोगों को संदेश देते हुए कहा कि सीनियर सिटीजन के साथ हमेशा लगाव रखें और आदर करें. उन्होंने बताया कि घर के अलावा नेशनल हाइवे के किनारे लगती पांच कनाल भूमि और गाड़ी को भी वसीयत सरकार के नाम की है.
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