नई दिल्ली. हिंदू संस्कृति में कन्यादान का विशेष महत्व है पर एक महिला आईएएस ने सारे बंधनों को तोड़ते हुए अपनी शादी में कन्यादान की रस्म को नहीं होने दिया. मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के जोबा गांव की आईएएस तपस्या परिहार ने UPSC की परीक्षा में 23वीं रैंक हासिल की है. उन्होंने आईएफएस अधिकारी गर्वित गंगवार से शादी की. तपस्या परिहार की शादी इसलिए बेहद चर्चा में है क्योंकि उन्होंने कन्यादान कराने से इनकार कर दिया. तपस्या ने अपने पिता से कहा है कि मैं दान की चीज नहीं हूं, आपकी बेटी हूं.
शादी वैदिक मंत्रों के साथ और बाकी के सारे रीति रिवाज से संपन्न हुई. बस कन्यादान जैसी रस्म को दूर कर दोनों आईएएस और आईएफएस अधिकारियों ने शादी को अनोखा बना दिया. गुरुवार को जोवा गांव में इस शादी का रिसेप्शन हुआ. आईएएस अधिकारी तपस्या का कहना है कि बचपन से ही उनके मन में समाज की इस विचारधारा को लेकर लगता था कि कैसे कोई मेरा कन्यादान कर सकता है, वो भी मेरी इच्छा के बगैर. यही बात धीरे-धीरे मैंने अपने परिवार से चर्चा की और इस बात को लेकर परिवार के लोग भी मान गए. फिर वर पक्ष को भी इसके लिए राजी किया और बिना कन्यादान दिए शादी हो गई.
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उनका कहना है कि दो परिवार आपस में मिलकर विवाह करते हैं, तो फिर बड़ा, छोटा या ऊंचा नीचा होना ठीक नहीं. क्यों किसी का दान किया जाए और जब मैं शादी के लिए तैयार हुई तो मैंने भी परिवार के लोगों से चर्चा कर कन्यादान की रस्म को शादी से दूर रखा. वहीं तपस्या के पति IFS गर्वित भी बताते हैं कि क्यों किसी लड़की को शादी के बाद पूरी तरह बदलना होता है. चाहे मांग भरने की बात हो या कोई ऐसी परंपरा जो ये सिद्ध करें कि लड़की शादीशुदा है. ऐसी रस्में लड़के के लिए कभी लागू नहीं होती और इस तरह की मान्यताओं को हमें धीरे-धीरे दूर करने की कोशिश करनी चाहिए.
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— Cg Janadesh (@CJanadesh) December 17, 2021









