महासमुंद. समर्थन मूल्य में धान खरीदी सहित 11 सूत्रीय मांगों को लेकर आज यहां संयुक्त किसान मोर्चा के बेनर तले 176 किसानों ने गिरफ्तारी दी. टाऊनहाल को अस्थाई जेल घोषित किया गया था. जहां से कुछ देर बाद सभी की रिहाई की घोषणा कर दी गई. तयशुदा कार्यक्रम के तहत सुबह 11 बजे यहां लोहिया चौक में किसान एकत्र हुए और धरना देकर केन्द्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर हल्ला बोला. धरना-प्रदर्शन के बाद किसानों ने रैली निकाल एसडीएम कार्यालय पहुंचे और तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा. आंदोलन को संबोधित करते हुए किसान नेता श्रीधर चंद्राकर ने कहा कि सरकार का रवैया किसानों के खिलाफ हमेशा ढीला रहा है. किसानों की पीड़ा से सरकार को कोई मतलब नहीं है.
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यही कारण है कि पहले धान खरीदी 15 नवंबर की गई और बाद में इसे 1 दिसंबर कर दिया गया. तिथि बढ़ने की वजह से किसान अपना धान बेच नहीं पा रहे हैं. इधर, अवैध धान पकड़ने के नाम पर चल रही कार्रवाई ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है. जीपी चंद्राकर ने कहा कि पहले भाजपा और अब कांग्रेस भी उसी नीति पर काम कर रही है. किसानों की समस्या से किसी भी सरकार को कोई मतलब नहीं है. आंदोलन में प्रमुख रुप से किसान नेता ईश्वर साहू, छन्नू साहू, राकेश चंद्राकर आदि शामिल थे. समर्थन मूल्य को कानूनी दर्जा दिए जाने, मंडी अधिनियम के तहत फसल की खरीदी, धान-गेंहू सहित दलहन-तिलहन और सब्जी फसल का समर्थन मूल्य घोषित करने, समर्थन मूल्य पर बारहों माह अनाज की बिक्री मंडी से किए जाने आदि मांगें शामिल है.
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