नई दिल्ली. राजस्थान के सीकर जिले से दहेज न मिलने के कारण बारात लौटने का मामला सामने आया है. फेरों के समय लड़के के परिजनों ने लड़की के पिता से नकद और बाइक की मांग कर डाली. इस बात पर दोनों पक्षों में विवाद हुआ और लड़के वाले बारात लेकर चले गए. पीड़ित परिवार ने सीकर जिला पुलिस अधीक्षक एवं जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर न्याय की मांग की है. पीड़ित दुल्हन का कहना है कि उसकी शादी तीन जुलाई को बुगाला गांव के रहने वाले अजय से हो रही थी. बारात हमारे गांव तारपुरा आई और सभी बारातियों ने खाना खाया और जब वरमाला की बारी आई तो लड़के के परिवार वालों ने कहा कि माला के साथ हर की चीज की व्यवस्था उन्हें की करनी होगी.
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दुल्हन ने बताया कि फेरों के समय दूल्हा अपने एक दोस्त के साथ बाहर चला गया और लड़के का पिता मेरे पिताजी से गली-गलौच करने लगे. दुल्हन का आरोप है कि लकड़े के पिता ने कहा कि नकद रुपए, गहने और बाइक मिलेगी तभी फेरे होंगे. फिर मेरे पिता ने कहा कि वो एक गरीब किसान हैं, उनके पास इतना कुछ नहीं है देने के लिए और वो बारात लेकर चले गए. इस संबंध में जब हम पुलिस में शिकायत दर्ज कराने गए तो वहां हमें कहा गया कि लड़के ने अपनी मर्जी से शादी छोड़ी है ऐसे में हम कुछ नहीं कर सकते. वहीं दुल्हन के पिता सुरजाराम ने बताया कि लड़के का पिता मुझे साइड लेकर गया और कहने लगा कि पहले मुझे एक मोटरसाइकिल और एक लाख तीस हजार रुपए नकद दो उसके बाद ही फेरे होंगे.
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