नई दिल्ली. सरकारी तेल कंपनियां औसतन हर दूसरे दिन कीमतें बढ़ा रही हैं. लोगों को उम्मीद है कि सरकार पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर कुछ जरूर करेगी, लेकिन सरकार ने इससे साफ इनकार कर दिया है. पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा है कि ग्लोबल मार्केट में कच्चा तेल महंगा होने की वजह से पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ रही हैं, कच्चा तेल 70 डॉलर के प्रति बैरल से ज्यादा है. भारत अपनी जरूरत का 80 परसेंट तेल इंपोर्ट करता है. उन्होने कहा कि सरकार की आमदनी काफी कम हो गई है लेकिन खर्चे काफी बढ़े हैं. उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2020-21 के दौरान आमदनी कम रही और इसके 2021-22 में भी कम रहने के आसार हैं.
उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल पर टैक्स कटौती पर बात करने का ये सही वक्त नहीं है, क्योंकि इस समय सरकार हेल्थ सेक्टर पर काफी खर्च कर रही है. उन्होंने साफ साफ कहा कि पेट्रोल-डीजल के दाम अभी कम नहीं होंगे. उन्होंने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी की वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल के महंगा होने को बताया. क्या पेट्रोलियम प्रोडक्ट को GST के दायरे में लाना चाहिए. इस सवाल पर पेट्रोलियम मंत्री ने कहा कि बिल्कुल, ऐसा होना चाहिए, वो इस विचार का समर्थन करते हैं. उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल के दाम ग्लोबल मार्केट से कंट्रोल होते हैं, इसमें हम कुछ नहीं कर सकते, इसलिए मेरा मानना है कि ईंधन को GST के दायरे में लाना चाहिए. ये मुमकिन तभी हो सकता है जब GST काउंसिल में सभी राज्य इस बात पर एकमत हों.
http://सब कुछ ठीक रहा तो 16 जून के बाद स्कूल खोले जा सकते हैं : टेकाम









