गरियाबंद. छत्तीसगढ़ शासन एवं भारत सरकार द्वारा नोबेल कोरोना वायरस (कोविड-19) के रोकथाम/नियंत्रण के संबंध में जारी गाइडलाइन अनुसार कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी निलेश कुमार क्षीरसागर ने गरियाबंद जिला अन्तर्गत सम्पूर्ण क्षेत्र को 13 अप्रैल प्रातः 6 बजे से 23 अप्रैल प्रातः 6 बजे तक कन्टेनमेंट जोन घोषित किया है. पूर्णतया तालाबंदी (लॉकडाउन) लगा दिया है. उपरोक्त दर्शित अवधि में गरियाबंद जिले की सभी सीमाएँ पूर्णतः सील रहेंगी. उपरोक्त अवधि में केवल मेडिकल दुकानों को अपने निर्धारित समय में खुलने की अनुमति होगी. पेट्रोल पंप पर भी चिन्हित सेवाओं से जुड़े लोगों को ही पेट्रोल मिलेगा. दुग्ध पार्लर व दुग्ध-वितरण तथा न्यूज होकर द्वारा सामाचार पत्रों के वितरण की समयावधि का निर्धारण प्रातः 6 बजे से प्रात: 8 बजे तक एवं संध्या 5 बजे से संध्या 6.30 बजे तक होगी.
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पैट शॉप/एक्वेरियम को केवल पशुओं को पशुचारा देने हेतु प्रातः 6 बजे से प्रात: 8 बजे तक एवं शाम 5 से 6: 30 बजे तक खोलने की अनुमति होगी. एलपीजी गैस सिलेंडर की एजेसियों केवल टेलिफोनिक या ऑनलाइन ऑर्डर लेंगे तथा ग्राहको को सिलेन्डरों की घर पहुँच सेवा उपलब्ध कराएंगे. जिले के अंतर्गत लगने वाले समस्त साप्ताहिक बाजार/हाट बंद रहेगे. औद्योगिक संस्थानों एवं निर्माण इकाईयों को अपने कैम्पस के भीतर मजदूरों को रखकर द अन्य आवश्यक व्यवस्था करते हुए उद्योगों के संचालक व निर्माण कार्यो की अनुमति होगी. उक्त अवधि के दौरान सम्पूर्ण जिला अन्तर्गत संचालित समस्त शराब दुकानें बंद रहेगी. सभी धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन स्थल आम जनता के लिए पूर्णतः बंद रहेंगे. उपरोक्त अवधि में गरियाबंद जिले अन्तर्गत सभी केन्द्रीय/शासकीय/अशासकीय/ निजी कार्यालय एवं बैंक बंद रहेंगे. सभी प्रकार की सभाएं, जुलुस, सामाजिक, धार्मिक एवं राजनैतिक आयोजन इत्यादि पूर्णत प्रतिबंधित रहेगे.
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आपात स्थिति में यात्रा के दौरान 4 पहिया वाहनों में ड्राइवर सहित अधिकतम 3 ऑटो में ड्राइवर सहित अधिकतम 3 एवं दोपहिया वाहन में केवल 2 व्यक्तियों की यात्रा की अनुमति होगी. बस स्टैण्ड, हास्पिटल आवागमन हेतु ऑटो/टैक्सी परिचालन की अनुमति रहेगी, किन्तु अन्य प्रयोजन हेतु पूर्णत प्रतिबंध रहेगा. विवाह कार्यकम में वर अथवा वधु के निवास-गृह में ही आयोजित करने की शर्त के साथ आयोजन में शामिल होने वाले व्यक्तियों की अधिकतम संख्या 10 निर्धारित की गई है. इसी प्रकार अंत्येष्टि, दशगात्र, इत्यादि मृत्यु संबंधी कार्यक्रम में शामिल होने वाले व्यक्तियों की अधिकतम संख्या 10 निर्धारित की गई है. आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति/समूह/प्रतिष्ठान भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा 188 एवं 270, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51-60 एवं महामारी नियंत्रण अधिनियम 1897 यथा संशोधित 2020 के तहत् तथा अन्य सुसंगत विधि अनुसार कड़ी कार्रवाई के भागी होंगे.







