नई दिल्ली. देश में कोविड-19 महामारी की स्थिति को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और आईसीएमआर ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की. स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण ने बताया कि करीब 5.5 महीने के बाद देश में कोरोना के तीन लाख से भी कम सक्रिय मामले हैं. वर्तमान में सक्रिय मामलों की संख्या, कुल मामलों के मुकाबले केवल तीन फीसदी है. वहीं, कोरोना से ठीक होने की दर 95 फीसदी से ज्यादा है. कोरोना के नए स्ट्रेन के बारे में बताया गया कि इसका भारत में अभी तक कोई मामला सामने नहीं आया है. उन्होने बताया कि पिछले सात सप्ताहों में देश में रोज सामने आने वाले कोरोना के नए मामलों के औसत में कमी आई है.
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नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल ने ब्रिटेन में सामने आए कोरोना वायरस के नए प्रकार के बारे में बात की. उन्होंने कहा कि यह नया स्ट्रेन ज्यादा तेजी से संक्रमित करता है. यह म्यूटेशन बीमारी की गंभीरता को प्रभावित नहीं कर रहा है. डॉ. पॉल ने कहा कि मामले की घातकता इस म्यूटेशन की वजह से प्रभावित नहीं हुई है. उन्होंने कहा कि चिंता करने की कोई वजह नहीं है, घबराने की कोई जरूरत नहीं है. अभी के लिए हमें सतर्क रहने की जरूरत है. कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन पर वैक्सीनों के असर को लेकर डॉ. वीके पॉल ने कहा कि अभी तक के लिए हमारे देश में विकसित की जा रहीं कोरोना वायरस की संभावित वैक्सीनों और अन्य देशों में उपलब्ध वैक्सीनों पर इस वायरस के नए प्रकार का कोई असर नहीं देखा गया है. उन्होंने कहा कि ब्रिटेन में सामने आए कोरोना वायरस का नया स्ट्रेन अभी तक भारत में नहीं पहुंचा है. उन्होंने बताया कि देश में कोरोना के नए स्ट्रेन से संक्रमण का एक भी मामला अभी तक सामने नहीं आया है.
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