रायगढ़. खरसिया रेलवे स्टेशन से लगभग 4 किलोमीटर की दूरी पर रायगढ़ रोड में परेवा पहाड़ों पर विराजी मां काली का दरबार भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करने के नाम से पूरे अंचल में विख्यात है. एनएच 49 पर मुख्य मार्ग से लगभग आधे किलोमीटर अंदर दक्षिण की ओर पहाड़ों में विराजित काली माता को कलकत्ते की दक्षिण काली का प्रतिरूप माना जाता है. बाबा गोपीनाथ द्वारा यहां साधना की जाती है, जो तारा शक्तिपीठ में भी अपनी आराधना करते हैं. प्राकृतिक छटा से भरपूर इस पहाड़ी पर श्रद्धालु प्रतिदिन दर्शन को आते हैं.
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वहीं नवरात्रि में संक्रमण काल के बावजूद श्रद्धालुओं की कोई कमी नहीं देखी जा रही. नन्हे बच्चे भी लगभग 250 सीढ़ियां चढ़कर श्रद्धापूर्वक माता रानी के चरणों में अपनी अर्जी देते हैं, वहीं अर्जी पूरी होने का पूरा विश्वास लेकर इस दरबार से लौटते हैं. माता रानी के मंदिर के समीप ही स्थित परेवा की वादियों में प्राचीन शिलालेख भी मौजूद हैं, जो अब तक अनबूझ पहेली की तरह बने हुए हैं. यह पहचान अबतक नहीं हो पाई है कि किस भाषा में क्या बातें इन पहाड़ों में लिखी गई हैं.
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