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युवाओं को अब देनी होगी केवल एक परीक्षा, राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी को मंजूरी

Published on: August 19, 2020
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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को कैबिनेट की बैठक हुई. कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी विस्तार से केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी. प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि देश में करीब 20 रिक्रूटमेंट एजेंसी हैं. ये सब समाप्त करते हुए सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है. नेशनल रिक्रूटमेंट एजेंसी (राष्ट्रीय भर्ती संस्था) अब कॉमन एलिजबिलिटी टेस्ट (सीईटी) लेगी. इसका फायदा करोड़ों युवाओं को होगा, जो नौकरी के लिए आवेदन करते हैं. उन्होने कहा कि युवाओं की ये मांग वर्षों से थी. लेकिन अब तक इस पर फैसला नहीं लिया गया था. इस एक फैसले से युवाओं की तकलीफ भी दूर होगी और उनका पैसा भी बचेगा.

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युवाओं को अब एक ही परीक्षा से आगे जाने का मौका मिलेगा. कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट आयोजित करने के लिए राष्ट्रीय भर्ती संस्था पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि कॉमन एंट्रेंस टेस्ट (सीईटी) की मेरिट लिस्ट 3 साल तक मान्य रहेगी. इस दौरान उम्मीदवार अपनी योग्यता और पसंद के आधार पर विभिन्न क्षेत्रों में नौकरियों के लिए आवेदन कर सकेगा. जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह स्वतंत्र भारत के इतिहास में सबसे ऐतिहासिक सुधारों में से एक है. यह भर्ती, चयन, नौकरी में आसानी और विशेष रूप से समाज के कुछ वर्गों के लिए जीवन यापन में आसानी लाएगा. प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि कैबेनिट ने एक करोड़ गन्ना किसानों को लिए भी फैसला लिया है. सरकार ने लाभकारी मूल्य बढ़ा दिया है. अब 285 रुपए प्रति क्विंटल का दाम तय हुआ. ये 10 फीसदी रिकवरी के आधार पर है. अगर 11 फीसदी रिकवरी होती है तो 28 रुपए 50 पैसे प्रति क्विंटल ज्यादा मिलेंगे. वहीं 9.5% या उससे कम भी रिकवरी रहने पर भी गन्ना किसानों को संरक्षण देते हुए 270.75 रुपए प्रति क्विंटल की दर से कीमत मिलेगी. इससे एक करोड़ किसानों को फायदा होगा.

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जावड़ेकर ने कहा कि एयरपोर्ट्स के लिए 1 हजार 70 करोड़ देने का निर्णय लिया गया है. ये पैसा एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया छोटे शहरों में एयरपोर्ट के विकास करने के उपयोग में लाएगी. इससे यात्रियों को अच्छी सुविधा मिलेगी. उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया एयरपोर्ट को पूरी तरह से प्राइवेट कंपनी को नहीं देगी. पचास साल तक चलने के बाद वे एयरपोर्ट फिर से एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को वापस मिलेंगे. उन्होने कहा कि छह हवाई अड्डों का संचालन, प्रबंधन और विकास का ठेका प्राइवेट कंपनियों को दिए जाने का फैसला किया गया है. इसके लिए नीलामी के जरिए टेंडर मंगाया गया था. सबसे ज्यादा बोली लगाने वाले को जयपुर, गुवाहाटी और तिरुअनंतपुरम हवाई अड्डे देने का फैसला किया गया है.

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