महासमुंद. स्वतंत्रता दिवस का मुख्य समारोह आज यहां गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के मुख्यआतिथ्य में आरोप-प्रत्यारोप के चलते विवादित होकर सम्पन्न हुआ. कार्यक्रम में ध्वजारोहण के बाद 20 पृष्ठ का मुख्यमंत्री का स्वतंत्रता दिवस संदेश में मात्र 14 पेज ही पढ़े गए. गृह और लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू ने स्वतंत्रता दिवस पर जिला मुख्यालय महासमुंद के मिनी स्टेडियम में ध्वजारोहण किया और परेड की सलामी ली. मुख्य अतिथि श्री साहू ने मुख्यमंत्री का स्वतंत्रता दिवस संदेश का वाचन किया और शांति के प्रतीक के रूप में रंग-बिरंगे गुब्बारे आकाश में छोड़े.
मुख्य अतिथि को पुलिस और नगर सैनिकों की टुकड़ियों ने सलामी दी. स्वतंत्रता दिवस समारोह में गृहमंत्री श्री साहू ने 12 शहीदों के परिजनों से बातचीत कर उनका हालचाल जाना और उन्हें शॉल-श्रीफल से सम्मानित किया. इसके अलावा महासमुंद सहित बागबाहरा, पिथौरा और सरायपाली तहसील के विभिन्न विभागों के 182 अधिकारी-कर्मचारी कोराना वॉरियर्स को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर उनका सम्मान किया.
http://हेल्थ मिशन से नई साइबर सुरक्षा नीति तक, जानिए पीएम मोदी के 10 बड़े ऐलान
20 में 14 पेज संदेश का वाचन
आज स्वतंत्रता दिवस समारोह में सभी जिलों में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे शासन के मंत्री एवं संसदीय सचिवों ने मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन किया पर महासमुंद जिला मुख्यालय में मुख्यमंत्री के 20 पृष्ठ के संदेश का वाचन गृहमंत्री श्री साहू कर ही रहे थे इस बीच कलेक्टर ने मंत्री जी के कान में कुछ कहा इसके बाद अचानक 14 पेज में ही मुख्यमंत्री का संदेश वाचन बंद कर दिया गया. मुख्यमंत्री के संदेश के अधूरे वाचन की कार्यक्रम स्थल के साथ नगर भर में चर्चा होती रही.
सफाईकर्मियों का सम्मान नहीं, नपाध्यक्ष ने जताई आपत्ति
समारोह में मुख्य अतिथि ने जिला प्रशासन की ओर से जिले के कोरोना वॉरियर्स का सम्मान किया पर पालिकाकर्मियों का सम्मान नहीं किए जाने पर नपाध्यक्ष प्रकाश चंद्राकर ने आपत्ति दर्ज कराई. बाद में प्रशस्ति पत्र देने की पहल पर उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में पालिका के सफाईकर्मियों का सम्मान नहीं करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण के लिए पालिकाकर्मियों ने भी काम किया है. आज यहां कार्यक्रमस्थल में की गई तैयारियों में पालिककर्मियों की अहम भूमिका रही है. बावजूद इनका सम्मान नहीं होना समझ से परे है.
http://कोरोना इफेक्ट, सादगी से मनाया गया स्वतंत्रता दिवस
जिले में अफसरशाही हावी, शिकायत
गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू के सामने जिले के जनप्रतिनिधियों एवं संगठन के नेताओं जमकर भड़ास निकाली. समारोह स्थल पर बैठक व्यवस्था से लेकर अन्य मामलों में शिकवा-शिकायतों का दौर सर्किट हाउस में आम जनता से भेंट मुलाकत तक चलता रहा. मंत्री श्री साहू के करीबी सूत्रों के अनुसार कांग्रेस नेताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मंत्री ने जिला प्रशासन के आला अधिकारियों को अलग से कमरे में इसके लिए समझाइश दी. बताया जाता है कि इस दौरान अफसरों से साफ तौर पर कहा गया कि जमीन से जुड़े कार्यकर्ताओं के मान-सम्मान का ध्यान रखें. इस तरह की अव्यवस्था की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए.
दरअसल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष डॉ रश्मि चंद्राकर, जनपद अध्यक्ष भगीरथी चंद्राकर, नपा उपाध्यक्ष कृष्णा चंद्राकर आदि ने जिला प्रशासन के कतिपय आला अधिकारियों पर अफसरशाही का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी कि राष्ट्रीय पर्व पर निर्वाचित जन प्रतिनिधियों को मंच पर समुचित स्थान नहीं देकर अपमानित किया गया है. मंत्री ने कांग्रेस नेताओं की बातों को गंभीरता से सुनने के बाद अलग से कमरे में अफसरों को तलब किया और तालमेल के साथ विकास कार्यों को गति देने जमीनी जनप्रतिनिधियों को बराबर महत्व देने और उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने वाला काम नहीं करने की समझाइश दी.
पत्रकार भी नाराज
प्रेस क्लब उपाध्यक्ष संजय महंती ने पत्रकारों का भी कोरोना वॉरियर्स के रूप में सम्मान नहीं करने पर नाराजगी जताई. श्री महन्ती ने कहा कि इस कोरोनाकाल में पत्रकारों ने जी जान से जुटकर लोगों को जागरूक करने में अपनी ऊर्जा लगाई है.
http://सीएम भूपेश ने किया ध्वजारोहण, प्रदेशवासियों को दी अनेक सौगात, की कई महत्वपूर्ण घोषणाएं







