नई दिल्ली. अगर आप भी कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए N-95 मास्क का इस्तेमाल कर रहे हैं तो सावधान हो जाइए. केंद्र सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पत्र लिखकर लोगों को छिद्रयुक्त श्वासयंत्र (वॉल्व्ड रेस्पिरेटर) लगे एन-95 मास्क पहनने को लेकर चेतावनी जारी की है. पत्र में कहा गया है कि इससे कोरोना वायरस फैलने से नहीं रुकता और यह कोविड-19 महामारी के खिलाफ उठाए गए कदमों के ‘विपरीत’है. रिपोर्ट्स के मुताबिक स्वास्थ्य मंत्रालय में स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक राजीव गर्ग ने राज्यों के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मामलों के प्रधान सचिवों को पत्र लिखा है.
http://मध्यप्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन का 85 साल की उम्र में निधन
इस पत्र में महानिदेशक राजीव गर्ग ने कहा है कि यह तथ्य सामने आया है कि स्वास्थ्यकर्मियों के बजाय लोग एन-95 मास्क का अनुचित इस्तेमाल कर रहे हैं. विशेष रूप से ऐसे एन-95 मास्क इस्तेमाल किए जा रहे हैं जिनमें छिद्रयुक्त श्वसनयंत्र (वॉल्व्ड रेस्पिरेटर) लगे हैं. उन्होने कहा कि छिद्रयुक्त श्वसनयंत्र लगा एन-95 मास्क कोरोना वायरस फैलने से रोकने के लिए उठाए गए कदमों के विपरीत है क्योंकि यह वायरस को मास्क के बाहर आने से नहीं रोकता. इसे देखते हुए मैं आपसे आग्रह करता हूं कि सभी संबंधित लोगों को निर्देश दें कि वे फेस/माउथ कवर के इस्तेमाल का पालन करें और एन-95 मास्क के अनुचित इस्तेमाल को रोकें.
http://कोरोना की वजह से इस साल होने वाला टी20 वर्ल्ड कप स्थगित









