नई दिल्ली. अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की मैनेजिंग डायरेक्टर क्रिस्टलीना जॉर्जिवा ने कहा है कि देशों के बीच व्यापार विवाद वैश्विक अर्थव्यवस्था को कमजोर कर रहे हैं. जॉर्जिवा ने कहा है कि साल 2019 में दुनिया की 90 फीसदी अर्थव्यवस्था के मंदी के चपेट में आने की आशंका है. भारत में इसका सबसे ज्यादा असर दिखेगा. उन्होंने भारत में इस साल गिरावट और ज्यादा रहने की चेतावनी दी है. आईएमएफ के मुख्यालय में इसकी नई प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जिएवा ने कहा, ‘साल 2019 में हमें लगता है कि दुनिया के 90 फीसदी देशों में ग्रोथ रेट सुस्त रहेगी. वैश्विक अर्थव्यवस्था अब सुस्ती के दौर में है.’
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जॉर्जिवा ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर 10 सालों के निचले स्तर पर आने की आशंका भी जाहिर की है. जॉर्जिवा ने कहा कि एक रिसर्च के अनुसार, व्यापार विवादों का प्रभाव व्यापक है. जलवायु परिवर्तन दुनिया की अर्थव्यवस्था के सामने एक और बड़ी चुनौती है. इसके सुधार के लिए उन्होंने कार्बन कर बढ़ाए जाने का आह्वान भी किया है. जॉर्जिवा ने कहा कि आईएमएफ चालू और अगले वर्ष के लिए अपने वृद्धि दर अनुमान को घटा रहा है. हालांकि इसके आधिकारिक संशोधित आंकड़े वह 15 अक्टूबर को जारी करेगा. पहले आईएमएफ ने 2019 में वैश्विक वृद्धि दर 3.2 प्रतिशत और 2020 में 3.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था.









