रजिंदर खनूजा
पिथौरा. प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के माफ किए गए कर्ज को स्थानीय देना बैंक के अफसर मानने को तैयार ही नहीं हैं. लिहाजा अब खेती बाड़ी के समय अनेक किसान केसीसी का उपयोग नहीं कर पा रहे हैं. विकासखण्ड के ग्राम गिरना के एक छोटे किसान दुखुराम बरिहा ने लिखित जानकारी दी है कि उनका केसीसी लोन देना बैंक पिथौरा में है. विगत वर्ष 2 लाख 46 हजार रुपए का कर्ज था जिसे भूपेश सरकार के आते ही माफ किया गया. पर विगत सप्ताह जब वे खाद बीज हेतु गए तब उन्हें यह कह कर कर्ज देने से मना कर दिया गया कि उनकी जमीन देना बैंक में बंधक है इसलिए और कर्ज नहीं मिल सकता. इसके बाद पहले दुखु बैंक के चक्कर लगाता रहा.
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बाद उन्होंने लोक सेवा केंद्र से खसरा, पांचसाला निकलवाया तब उसमें भी 1-1400 हेक्टयर जमीन वर्ष 2014 से बंधक बताया. जबकि देना बैंक के केसीसी खाते में उनका बकाया शून्य है. कुछ इसी तरह के मामले विकासखण्ड के अन्य किसानों के साथ भी है जो कि बैंकों के चक्कर लगा रहे हैं. बहरहाल, प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी ऋणमाफी योजना पर भी बैंक अफसर पलीता लगाने तुले हैं. इस संबंध में स्थानीय देना बैंक के मैनेजर अभिषेक बाघ से उनके मोबाइल नं 9152940855 पर सम्पर्क का प्रयास किया तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया. बाद उन्हें व्हाट्सएप्प मैसेज भेजकर भी उनका पक्ष जानने का प्रयास किया. मैसेज पढ़ने के बाद भी उन्होंने इस मामले पर अपना पक्ष नहीं रखा.
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