नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देश को संबोधित किया. इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का विस्तार नवंबर तक करने का ऐलान किया. पीएम मोदी के संबोधन की खास बातें-
सतर्कता की जरूरत
उन्होने कहा कि दुनिया से तुलना करें तो भारत कोरोना के मामले में संभली हुई स्थिति में है, लेकिन अनलॉक में लापरवाही बढ़ती जा रही है. लोगों को लॉकडाउन की तरह ही सतर्कता दिखाने की जरूरत है। जो नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं, हमें उन्हें टोकना होगा, रोकना होगा और समझाना भी होगा. भले ही हम दो गज दूरी को लेकर, बीस सेकंड हाथ धोने को लेकर सतर्क रहे हैं. आज जब हमें ज्यादा सतर्कता की जरूरत है तो लापरवाही बढ़ना बहुत ही चिंता का कारण है.
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नियमों से कोई भी ऊपर नहीं
अभी आपने खबरों में देखा होगा कि एक देश के प्रधानमंत्री पर 13 हजार का जुर्माना इसलिए लग गया, क्योंकि वे मास्क पहने बिना गए थे. भारत में भी स्थानीय प्रशासन को इसी चुस्ती से काम करना चाहिए. यह 130 भारतीयों की रक्षा का अभियान है. गांव का प्रधान हो या देश का प्रधानमंत्री, कोई भी नियमों से ऊपर नहीं है.
मुफ्त अनाज की योजना अगले 5 महीने भी
लॉकडाउन में हर किसी ने प्रयास किया कि इतने बड़े देश में गरीब भाई-बहन भूखा ना सोए. देश हो या व्यक्ति, समय और संवेदनशीलता से फैसले लेने से किसी भी मुसीबत का सामना करने की शक्ति अनेक गुना बढ़ जाती है. लॉकडाउन होते ही सरकार गरीब कल्याण योजना लेकर आई. इसके तहत पौने दो लाख करोड़ का पैकेज दिया गया. तीन महीनों में 20 करोड़ जन-धन खातों में 31 हजार करोड़ रुपए जमा करवाए गए हैं. नौ 9 करोड़ से ज्यादा किसानों के बैंक खातों में 18 हजार करोड़ रुपए जमा हुए हैं. इसके साथ ही गांवों में श्रमिकों को रोजगार देने के लिए प्रधानमंत्री गरीब कल्याण रोजगार अभियान तेज गति से आरंभ कर दिया गया है.
इसी से जुड़ी महत्वपूर्ण घोषणा कर रहा हूं. वर्षा ऋतु के दौरान और उसके बाद मुख्यतौर पर कृषि क्षेत्र में ही ज्यादा काम होता है. दूसरे सेक्टरों में थोड़ी सुस्ती रहती है. जुलाई से धीरे-धीरे त्योहारों का भी माहौल बनने लगता है. त्योहारों का समय जरूरतें बढ़ाता है और खर्च भी बढ़ाता है. हमने फैसला लिया है कि प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का विस्तार अब दीवाली और छठ पूजा तक यानी नवंबर महीने के आखिर तक कर दिया जाएगा. फैसले का मतलब है कि 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज देने वाली योजना अगले 5 महीने भी लागू रहेगी. सरकार हर महीने परिवार के हर सदस्य को 5 किलो गेहूं या 5 किलो चावल मुफ्त देगी. साथ ही प्रत्येक परिवार को हर महीने एक किलो चना भी मुफ्त दिया जाएगा.
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वन नेशन, वन राशन कार्ड की व्यवस्था
पूरे भारत के लिए हमने सपना देखा है. कई राज्यों ने अच्छा काम किया है. बाकी राज्यों से भी हम आग्रह कर रहे हैं कि काम आगे बढ़ाएं. यह काम है, पूरे देश के लिए एक राशन कार्ड की व्यवस्था करना. यानी वन नेशन, वन राशन कार्ड. इसका सबसे बड़ा लाभ उन गरीबों को मिलेगा जो रोजगार के लिए अपना गांव छोड़कर किसी और राज्य में जाते हैं.
किसानों-टैक्सपेयर की वजह से गरीबों को मदद
आज गरीब को सरकार मुफ्त राशन दे पा रही है तो इसका श्रेय दो वर्गों को जाता है. पहला हमारे अन्न देवता मेहनती किसान. दूसरा हमारे देश के ईमानदार टैक्स पेयर। आपका परिश्रम और समर्पण ही है, जिसकी वजह से देश यह मदद कर पा रहा है. आपने देश का अन्न भंडार भरा है इसलिए गरीब का चूल्हा जल रहा है. आपने ईमानदारी से टैक्स भरा है इसलिए आज देश का गरीब इतने बड़े संकट से मुकाबला कर पा रहा है.
लोकल के लिए वोकल होंगे
हम गरीब, पीड़ित, शोषित, वंचित को सशक्त करने के लिए निरंतर काम करेंगे. हम सारी ऐहतियात बरतते हुए इकोनामिक एक्टिविटीज को और आगे बढ़ाएंगे. हम आत्मनिर्भर भारत के लिए दिन-रात एक करेंगे. हम सब लोकल के लिए वोकल होंगे. इसी संकल्प के साथ हम 130 करोड़ देशवासियों को मिलकर संकल्प के साथ काम भी करना है और आगे भी बढ़ना है. आपसे प्रार्थना करता हूं, आग्रह करता हूं कि स्वस्थ रहिए. दो गज की दूरी का पालन करते रहिए. गमछा, फेसकवर, मास्क का उपयोग करिए और कोई लापरवाही मत करिए.
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