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5 कमरों में 150 मजदूरों को रखा, गांवों में क्वारंटाइन सेंटर का अभाव

Published on: June 13, 2020
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पारस सांखला

बागबाहरा. क्वारंटाइन सेंटरों में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो पा रहा है. जिससे ग्रामीणों और सरपंचों में भय पनपते जा रहा है कि ठहराए गए मजदूरों में यदि एक भी संक्रमित निकलता है तो क्वारंटाइन सेंटर के सभी मजदूर संक्रमित हो सकते हैं. ग्राम पंचायत नरतोरी 150 मजदूर शनिवार को गांव पहुंचे हैं जिन्हे प्राथमिक शाला भवन व आंगनबाड़ी केन्द्र के कुल पांच कमरों में रोका गया है. सरपंच घनश्याम चंद्राकर एवं जनपद सदस्य ममता रमेश चंद्राकर ने दूरभाष से बताया कि क्वारंटाइन सेंटर का अभाव है. मजदूरों को ठहराने पर्याप्त भवन नहीं है फलस्वरूप बहुत दिक्कतें हो रही है. ब्लॉक के अधिकारियों को सूचना देने पर भी कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है. सीईओ और बीईओ को फोन लगाकर पड़ोस की मुनगासेर पंचायत भवन में व्यवस्था कराने कहा तो खुद जाकर व्यवस्था करने की सलाह देकर अपनी जवाबदेही से बच रहे हैं. इस संबंध में अनुविभागीय दण्डाधिकारी जायसवाल से भी संम्पर्क करने फोन लगाया पर उनसे चर्चा नहीं हो पाई.

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फिर आएंगे 150 मजदूर कहां रखेंगे सता रही चिंता, विधायक को बताई समस्या

सरपंच ने बताया कि शेष 150 प्रवासी मजदूर कल गांव पहुंच जाएंगे उन्हें ठहराने और कोई भी व्यवस्था नहीं है. इस संवाददाता ने क्षेत्र के गांवों का दौरा कर जायजा लिया तो पता चला नरतोरी, कोचर्रा, सेनभाठा, खड़ादरहा, मोखा, लक्ष्मीपुर, सोनदादर, डोंगरगांव, खुड़मुड़ी, छिबर्रा, सालडबरी, चारभांठा, सिमगांव, सोहागपुर, टेढ़ीनारा, लीटियादादर, मोहबा, भालूचुवां, चिंगरिया, खुर्सीपार, मनकी, बिंद्राबन, घोयनाबाहरा, लामी, उखरा, घोयनाबाहरा, बंधापार आदि गांवों से मजदूर सैकड़ों की तादाद में पलायन किए हैं. इन गांवों में प्राथमिक शाला और आंगनबाड़ी केन्द्र भवन ही हैं जहां सभी मजदूरों की व्यवस्था करना संभव नहीं है. इन गांवों में क्वारंटाइन सेंटर का अभाव है. क्षेत्र के सभी मजदूर 15 जून तक गांव पहुंच जाएंगे उनकी व्यवस्था कैसे होगी सरपंचों को कुछ समझ नहीं आ रहा है. इस संवाददाता ने विधायक को फोन कर समस्या से अवगत कराया. सरपंचों एवं ग्रामीणों ने बताया कि बाहर से आ रहे मजदूरों को कैसे क्वारंटाइन करें यह समझ से परे है. प्रशासन आदेश तो दे रहा है पर तमाम व्यवस्था कैसे करें इसका कोई समाधान नहीं बताया जा रहा है.

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सरपंचों ने कहा- 3 दिन पहले एसडीएम सौंपा है ज्ञापन

सरपंचों ने बताया कि समस्याओं को लेकर बैठक हुई थी, बाद इस समस्या के निराकरण हेतु जनपद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सरपंचों का हस्ताक्षरित ज्ञापन 3 दिन पहले एसडीएम को सौंपा गया है.  जनपद अध्यक्ष स्मिता हितेश चंद्राकर ने पूछने पर कहा कि उन्हे भी सरपंच फोन कर सहयोग मांग रहे हैं. इस समस्या को मैंने जनपद सीईओ, एसडीओ आरईएस से 20-25 दिन पहले चर्चा की थी. कलेक्टर और अनुविभागीय अधिकारी व तहसीलदार से भी चर्चा कर व्यवस्था बनाने पहले से तैयारी करने कहा था. यही नहीं, विभिन्न समाचार पत्र के माध्यम से मैंने प्रशासन का ध्यानाकृष्ट कराया पर इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया. अब भी एक-दो दिन का समय है पूरे मजदूर आने में अभी भी मैदानी स्तर पर कर्मचारियों की तैनाती कर समस्या का समाधान किया जा सकता है. मैंने सुझाव दिया था बागबाहरा, तेन्दूकोना, कोमाखान मंडी प्रांगण में बनाए गए शेड में क्षेत्र के हाईस्कूल, हायर सेकेंड्री स्कूल भवन में भी हजारों मजदूरों की व्यवस्था की जा सकती है पर किसी ने ध्यान नहीं दिया.

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