बागबाहरा. किसान नेता पारस सांखला ने खल्लारी के पूर्व विधायक परेश बागबाहरा से पूछा है कि वे स्वामीनाथन कमेटी के प्रस्ताव को अमल में लाने भाजपा पर दबाव क्यों नहीं बनाते? श्री सांखला ने श्री बागबाहरा से कहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष ने पूरे देश के किसानों और गरीबों के हित में आवाज उठाई है आपने उसका उपहास उड़ाते हुए कहा कि इसे छत्तीसगढ़ में लागू करा कर प्रदेश के खजाने से राशि दिलवाएं. आप सिर्फ प्रदेश के गरीब किसान की बात कर रहे हैं वे पूरे देश की बात कर रहे हैं. छत्तीसगढ़ की कांग्रेस सरकार ने किसानों की उपज का सर्वोच्च मूल्य घोषित कर किसानों की उपज समर्थन मूल्य में खरीदी कर रही है इससे किसान खुश हैं. फसल क्षति पर किसानों को बीमा राशि भी दिलाई.
आपको याद होगा भाजपा सरकार ने भी किसानों की बोनस राशि को किश्तों में दी थी तब आप खल्लारी विधायक थे पर आपने आवाज नहीं उठाई. किसानों का दो वर्ष का बोनस शेष है उसे भी भूपेश सरकार देने वचनबद्ध हैं. यदि वायदा बाद कांग्रेस सरकार बोनस का भुगतान नहीं करेगी तो छत्तीसगढ़ की जनता उन्हें भी सत्ता से हटा सकती है. आपको याद होगा भाजपा सरकार में किसानों की फसल बीमा राशि वर्ष 2017-18 का अधिकांश गांवों का आज पर्यंत शेष है. वर्ष 2015 में फसल बीमा की राशि बीमा कंपनी में जमा न होने से किसानों को इसका लाभ नहीं मिल पाया. किसानों के नुकसान के दावों की भरपाई करना तो दूर उन्होंने फसल बीमा के नाम पर केन्द्र व राज्य सरकार ने बीमा कंपनी से भुगतान क्यों नहीं कराया, इसकी जांच भी नहीं करा पाए इसका जवाब कौन देगा?
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श्री सांखला ने श्री बागबाहरा से पूछा है कि अब वे (श्री बागबाहरा) भाजपा में आ गए हैं तो वे इस मुद्दे की जांच कराकर किसानों को उनकी फसल बीमा की राशि दिलाने के लिए बीमा कंपनी को कटघरे में खड़ा करना चाहेंगे? यही नहीं केन्द्र सरकार द्वारा समर्थन मूल्य बढ़ाने के लिए और स्वामीनाथन कमेटी के प्रस्ताव को अमल मे लाने भाजपा सरकार पर दबाव बनाने किसानों के साथ खड़े होंगे? उन्होने पूर्व विधायक को याद दिलाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की जोगी सरकार ने आबादी क्षेत्र का पट्टा वितरण कर लोगों को अधिकार दिया था उक्त पट्टे को भाजपा ने निरस्त कर नए पट्टे देने का ऐलान किया पर वे पट्टा दे नहीं पाए. बागबाहरा जी आखिर भाजपा से क्यों सवाल नहीं करते वे नि:शुल्क आवासीय पट्टा को क्यों निरस्त किए और नए पट्टा बनाने के नाम पर करोड़ों रुपए बर्बाद कर सरकारी खजाने को क्षति क्यों पहुंचाई.
श्री सांखला ने कहा कि क्षेत्र और किसानों की चिंता करने वाले नेता को किसी दल पार्टी की आवश्यकता नहीं होती. यदि वास्तव में पूर्व विधायक श्री बागबाहरा किसानों के प्रति चिंतित हैं तो आएं हम सब किसान मिलकर केन्द्र सरकार द्वारा किए गए वायदे दोगुना आय एवं स्वामीनाथन कमेटी के प्रस्ताव को लागू कराने आंदोलन करें ताकि किसानों का भला हो सके. अखबारों में विज्ञप्ति छपवा देने से गरीब तथा किसानों का भला नहीं होने वाला है. किसानों की भलाई के लिए सड़क की लड़ाई लड़नी होगी. पूर्व विधायक को मालूम है उन्होंने हरित क्रांति के लिए बीड़ा उठाया था पर उस क्षेत्र में कितना काम हुआ या नहीं उनसे कुछ छिपा नहीं है. उन्होने श्री बागबाहरा से पूछा है कि खल्लारी के पूर्व विधायक लक्ष्मीनारायण इंदूरिया के कार्यकाल में प्रारंभ बांध वर्षों बीत जाने पर भी अधूरा है. उस अधूरे काम को पूरा कराने खल्लारी के विधायक रहते आपने क्यों ध्यान नहीं दिया.
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परेश जी आप विज्ञप्ति और पत्र लिखकर लोगों को लुभा सकते हैं पर इससे क्षेत्र को कोई फायदा नहीं होने वाला. आप खुद बताएं दो-दो बार खल्लारी क्षेत्र का आपने प्रतिनिधित्व किया है पर किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने आपने कौन सा नया संसाधन क्षेत्र को दिला पाए. आपकी हरित क्रांति योजना दम तोड़ चुकी है. समग्र विकास के लिए क्षेत्र की जनता ने आपको विधानसभा भेजा था पर ऐसा कौन सा विकास कार्य आपने कराया जिससे लोगों को रोजगार मिला हो. लोग काम की तलाश में पहले भी पलायन करते थे और अब भी पलायन कर रहे हैं. यदि आप स्कूल भवन, सड़क, पंचायत भवन कार्य को विकास कह रहे होंगे तो यह अलग बात है. बागबाहरा में व्यवहार न्यायालय की स्थापना या रजिस्ट्री कार्यालय तक की स्थापना यहां के नेता नहीं करा सके तो बड़ी योजना और विकास की बात करना बेईमानी होगी.







