नई दिल्ली. उत्तरप्रदेश के कानपुर में गुरुवार रात एक हिस्ट्रीशीटर को पकड़ने गई पुलिस टीम पर बदमाशों ने अंधाधुंध गोलियां चलाईं. इस हमले में डीएसपी समेत 8 पुलिसकर्मी शहीद हो गए. जबकि सात पुलिसकर्मियों के घायल हो जाने की पुष्टि भी हुई है. बताया जा रहा है कि पुलिस चौबेपुर थाना इलाके के एक गांव में हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे को पकड़ने गई थी, लेकिन उसकी गैंग ने पुलिस पर घात लगाकर छत से हमला किया और विकास दुबे फरार हो गया. बदमाश पुलिस के कई हथियार भी लूट ले गए. मुठभेड़ में बिल्हौर के सीओ देवेंद्र कुमार, शिवराजपुर के थाना प्रभारी महेश चंद्र यादव व सब इंस्पेक्टर नेबू लाल और मंधना के चौकी इंचार्ज अनुप कुमार, कॉन्स्टेबल सुल्तान सिंह, कॉन्स्टेबल राहुल, कॉन्स्टेबल जितेंद्र और कॉन्स्टेबल बबलू शहीद हुए हैं.
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इधर, आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि घटना के बाद एनकाउंटर में विकास दुबे के 2 साथियों को मार गिराया गया है. डीजीपी एचसी अवस्थी ने बताया कि विकास दुबे के खिलाफ कानपुर के राहुल तिवारी ने हत्या के प्रयास का केस दर्ज कराया था. इसके बाद पुलिस उसे पकड़ने के लिए बिकरू गांव गई थी. पुलिस को रोकने के लिए बदमाशों ने पहले से ही जेसीबी वगैरह से रास्ता रोक रखा था. अचानक छत से फायरिंग शुरू कर दी गई. पुलिस टीमें बदमाशों की तलाश में हैं. वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एसटीएफ की टीम को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. पुलिस ने यूपी के सभी बॉर्डर सील कर दिए हैं.
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