रायपुर. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शनिवार को अपने निवास कार्यालय से वीडियो कॉफ्रेंसिंग के जरिए गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में नवनिर्मित डेडीकेटेड कोविड अस्पताल और कोविड लैब का लोकार्पण किया. उन्होंने इस मौके पर जिले में ऑक्सीजन प्लांट स्थापना की घोषणा भी की. इस दौरान उन्होने रिमोट कंट्रोल से स्क्रीन में दिख रही लोकार्पण पट्टिका से पर्दा हटाया. इस शिलापट पर कार्यक्रम का ब्यौरा और इसमें उपस्थित अतिथियों के नाम व पद लिखे गए हैं. इस शिलापट में 7 गलतियां पाई गई हैं. छत्तीसगढ़ में ‘ढ’ के नीचे की बिंदी गायब है.
तीसरी लाइन में लोकार्पण को ‘लोकापर्ण’ लिखा गया है. ज्योत्सना चरणदास महंत को ‘मंहत’, सांसद को दो स्थानों पर ‘सासंद’ और दो स्थानों पर विधानसभा को ‘विधासनभा’ लिखा गया है. शब्दों के बीच स्पेस की भी गलतियां हैं. अस्पताल के लोकार्पण के इस कार्यक्रम के वीडियो, फोटो जैसे ही वायरल हुए लोगों ने उपरोक्त गलतियां पकड़ लीं. बाद सोशल मीडिया में यह शिलापट और उसकी गलतियां वायरल होने लगी. इधर, पेंड्रा-गौरेला-मरवाही प्रशासन ने एक विज्ञप्ति जारी कर कहा कि वीडियो स्लाइड में गलतियां हुई हैं इसकी जांच कराई जाएगी. अस्पताल में जो शिलालेख लगा है उसके शब्द सही हैं और उसमें किसी तरह की गलतियां नहीं हैं.
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