महासमुंद. सरकार की धान खरीदी व्यवस्था से गुस्साए सैकड़ों किसानों ने सोमवार को बागबाहरा ब्लॉक के गांजर खरीदी केंद्र में ताला जड़ दिया. सोमवार को यहां किसी भी किसानों का टोकन नहीं कटा. हमाल काम पर नहीं आए. किसान खरीदी केन्द्र में तालाबंदी कर आंदोलन में बैठ गए पर शासन-प्रशासन का कोई प्रतिनिधि और न ही जनप्रतिनिधि किसानों से मिलने तक नहीं पहुंचे. सुरक्षा व्यवस्था हेतु थाना प्रभारी दलबल सहित खरीदी केन्द्र गांजर पहुंचे थे. किसान नेता पारस सांखला ने खरीदी केन्द्रों में पहुंचकर किसानों से हालचाल जाना. किसानों ने कहा कि जिला प्रशासन ने धान खरीदी नियम बनाया है उससे किसान भारी मुसीबत में हैं. पहले खरीदी में लिमिट कम-ज्यादा किया गया.
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बाद में बड़े किसानों की धान खरीदी पर रोक लगा दी गई अब जिले के अधिकारियों ने खरीदी केन्द्र प्रभारियों को मौखिक आदेश दिया है कि बड़े किसानों का सिर्फ 45 प्रतिशत तक धान खरीदी की जाएगी वह भी तीन बार में 15-15 प्रतिशत के अनुपात में. इस खबर से पूरे क्षेत्र के किसानों में भारी आक्रोश है. किसानों ने कहा कि जिला प्रशासन सहकारी समितियों के अधिकारियों को सिर्फ मौखिक आदेश जारी कर निर्देश का पालन करने का दबाव बना रहा है. खरीदी केन्द्रों में जब आदेश का पत्र दिखाने कहते हैं तो खरीदी प्रभारी का जवाब रहता है- ‘उच्चाधिकारियों का मौखिक निर्देश है’. सांखला ने चेतावनी दी है कि प्रदेश सरकार अपने घोषणा अनुरूप प्रति एकड़ 15 क्विंटल सभी किसानों का धान की खरीदी करें, बड़े किसानों का 45 प्रतिशत धान खरीदने जो तुगलकी फरमान जारी किया जा रहा उसे वापस लें अन्यथा पूरे प्रदेश में सरकार और जिला प्रशासन के खिलाफ उग्र आंदोलन करने बाध्य होंगे.
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