रायपुर. प्रदेश में शुक्रवार को 31 नए कोरोना मरीजों की पहचान की गई है. इनमें जिला कोरबा से 15, रायपुर से 9, दुर्ग से 3, बलौदाबाजार 2, राजनांदगांव व धमतरी से 1-1 हैं. जिनकी भर्ती प्रक्रिया जारी है. वहीं 79 कोरोना मरीज़ स्वस्थ होने के बाद डिस्चार्ज किए गए हैं. इनमें जिला बलौदाबाजार से 41, जशपुर से 15, बेमेतरा से 5, कोरबा व मुंगेली से 4-4, बालोद से 3, धमतरी से 2, गरियाबंद, महासमुंद, सरगुजा, राजनांदगांव एवं दुर्ग से 1-1 शामिल हैं. एम्स रायपुर ने इसकी पुष्टि की है. अब एक्टिव मरीजों की संख्या 879 हो गई है. प्रदेश में कोरोना संक्रमण का आंकड़ा बढ़कर 1429 हो गया है. इनमें 544 स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं. जबकि कोरोना से 6 की मौत हुई है.
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तीन हथनियों की मृत्यु की घटना की होगी जांच
रायपुर. राज्य शासन में राज्य में 3 हथिनियों की असामयिक मृत्यु को दृष्टिगत रखते हुए इसकी विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं. घटना की विस्तृत जांच के लिए सेवानिवृत्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक केसी बेवर्ता की अध्यक्षता में 5 सदस्यीय राज्य स्तरीय जांच समिति का गठन भी कर दिया है. शासन द्वारा जांच के बिन्दु तय करते हुए गठित राज्य स्तरीय जांच समिति को अपना जांच प्रतिवेदन 30 दिवस के भीतर राज्य शासन को प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए हैं. उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य के अंतर्गत सरगुजा वृत्त के सूरजपुर वनमण्डल में दो और बलरामपुर वनमण्डल में एक सहित कुल तीन हथिनी की मृत्यु की घटना घटित हुई है.
वन विभाग द्वारा मंत्रालय से आज जारी आदेश के अनुसार गठित राज्य स्तरीय जांच समिति का सचिव अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) अरूण पाण्डे को बनाया गया है. जांच समिति के सदस्यों में वरिष्ठ पशु चिकित्सक (वाईल्ड लाईफ) डॉ. राकेश वर्मा, वाईल्ड लाईफ एक्सपर्ट विशेषज्ञ डॉ. आरपी मिश्रा और वरष्ठि अधिवक्ता डॉ. देवा देवांगन को शामिल किया गया है. राज्य शासन द्वारा निर्धारित जांच के पांच बिन्दुओं – मृत्यु के कारण एवं परिस्थितियां, क्या किसी स्तर पर चूक हुई है, यदि हां तो उत्तरदायित्व, क्या इसे रोका जा सकता था, ऐसा कोई बिन्दु जो जांच के दौरान समिति के समक्ष आता है और जिसकी जांच समिति आवश्यक समझे. भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए क्या उपाय किए जाने चाहिए को शामिल किया गया है.







