महासमुंद. खनिज न्यास मद का मनमाफिक व नियम कायदों से परे उपयोग का मामला सामने आया है. वार्ड एक हिमालया पार्क में एनएच-353 रायपुर रोड से टीएस चंद्राकर घर तक आठ लाख की लागत से सीसी रोड निर्माण कराया जा रहा है. बता दें कि यह राशि खनिज न्यास मद से स्वीकृत की गई है. पालिका को कार्य एजेंसी बनाया गया है. कलेक्टर सह अध्यक्ष प्रबंधकारिणी समिति जिला खनिज संस्थान न्यास ने इस कार्य की प्रशासकीय स्वीकृति चार अगस्त 2022 को दी है. इसी तरह से उन्होंने इसी तारीख पर एक और स्वीकृति 10 लाख की दी है, जिसमे केमिस्ट भवन लाइन में सीसी रोड निर्माण का उल्लेख है. नियम-कायदों से छेड़छाड़ छिपाने कार्यस्थल पर सूचना फलक नहीं लगाए जा रहे हैं.
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नियम ताक पर रखकर मनमाफिक कार्य कराए जा रहे हैं. जबकि, कार्यस्थल पर सूचना प्रदर्शित करने का सामान्य नियम है. छत्तीसगढ़ किसान मजदूर संघ के संयोजक ललित चन्द्रनाहू का कहना है कि छग खनिज संसाधन विभाग मंत्रालय नया रायपुर के द्वारा जारी दिशा निर्देश के नियमानुसार खनिज उत्खनन से प्रभावित ग्राम और प्रभावित ग्राम से सात किमी के दूरी के प्रभावित ग्रामों में ही डीएमएफ की राशि की स्वीकृति प्रदान की जा सकती है. अन्य स्थानों में की गई राशि की स्वीकृति अवैधानिक व नियम विरुद्ध है. जिला खनिज संस्थान न्यास द्वारा नियम से परे की गई स्वीकृति पर खनिज संसाधन विभाग को कार्रवाई करना चाहिए.
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इस मामले में अपर कलेक्टर दुर्गेश वर्मा ने कहा कि जिला खनिज संस्थान न्यास की राशि का जनहित में जिले में कहीं भी उपयोग किया जा सकता है. शहर गांव खनिज क्षेत्र का कोई पैमाना नहीं है. जनहित से जुड़ी जरूरत पर खर्च किया जा सकता है. अवैध कॉलोनी में सीसी रोड के संबंध में मैं कुछ नहीं कहूंगा. सहायक संचालक ग्राम एवं नगर निवेश एसआर अजगरा ने कहा कि अब तक सिर्फ कौशिक कॉलोनी (जगत विहार) ने नियमतीकरण कराया है, शेष कॉलोनी अवैध है. शासन की योजना में सरलीकरण हुआ है, कॉलोनाइजर रुचि लेकर नियमित करा सकते हैं.
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