नई दिल्ली. मंकीपॉक्स के मामले दुनियाभर के कई देशों में देखने को मिल रहे हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने रविवार को कहा कि बीते 10 दिनों में 12 देशों में 92 मामले मंकीपॉक्स के दर्ज हुए हैं. ये आकंड़ा साफ दर्शाता है कि आने वाले दिनों में ये मामले और बढ़ सकते हैं. डब्ल्यूएचओ ने कहा कि आगे भी मामले तेजी से बढ़ेंगे इसलिए सावधान रहने की जरूरत है. डब्ल्यूएचओ ने कहा कि हम अपने साझेदारों के साथ मिलकर मंकीपॉक्स फैलने के संबंध में गंभीरता से काम कर रहे हैं. मंकीपॉक्स संक्रमण को रोकने की हर संभव कोशिश की जा रही है. डब्ल्यूएचओ के मुताबिक मंकीपॉक्स संक्रमण का इनक्यूबेशन पीरियड (संक्रमण होने से लक्षणों की शुरुआत तक) आमतौर पर 6 से 13 दिनों का होता है, हालांकि कुछ लोगों में यह 5 से 21 दिनों तक भी हो सकता है.
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संक्रमित व्यक्ति को बुखार, तेज सिरदर्द, लिम्फैडेनोपैथी (लिम्फ नोड्स की सूजन), पीठ और मांसपेशियों में दर्द के साथ गंभीर कमजोरी का अनुभव हो सकता है. लिम्फ नोड्स की सूजन की समस्या को सबसे आम लक्षण माना जाता है. इसके अलावा रोगी के चेहरे और हाथ-पांव पर बड़े आकार के दाने हो सकते हैं. कुछ गंभीर संक्रमितों में यह दाने आंखों के कॉर्निया को भी प्रभावित कर सकते हैं. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक मंकीपॉक्स से मौत के मामले 11 फीसदी तक हो सकते हैं. संक्रमण के छोटे बच्चों में मौत का खतरा अधिक रहता है. डब्ल्यूएचओ के मुताबिक मंकीपॉक्स के एक से दूसरे व्यक्ति में संक्रमण के मामले बहुत ही कम हैं.
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