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जब व्यवसायियों ने पूछा- दुकान बंद रहने से संक्रमण नहीं बढ़ेगा इसकी गारंटी क्या प्रशासन लेगा?

Published on: June 15, 2020
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बागबाहरा. दुकान खोलने की अनुमति मांगने पर एसडीएम द्वारा व्यापारियों से व्यवसाय शुरू होने पर संक्रमण न फैलने की जिम्मेदारी लेने संबंधी शपथ पत्र मांगे जाने से स्थानीय व्यवसायी आक्रोशित हैं. व्यवसायी प्रशांत अग्रवाल, जय कुमार आदि ने प्रतिप्रश्न किया कि दुकान बंद रहने से संक्रमण नहीं बढ़ेगा इस बात की गारंटी क्या स्थानीय प्रशासन लेगा. उल्लेखनीय है कि बाजार बंद होने से व्यापारियों के अलावा व्यावसायिक प्रतिष्ठान में काम करने वाले कर्मचारी खासे परेशान हैं. क्षेत्र में कोरोना संक्रमित मिलने से बागबाहरा को कंटेनमेन जोन घोषित कर पूरे बाजार को बंद करा दिया गया जिससे उन्हे अब रोजी-रोटी की समस्या से जूझना पड़ रहा है. व्यापारियों को दुकान किराया, बिजली बिल, कर्मचारी का वेतन, बैंक ब्याज आदि भुगतान करना पड़ रहा है जिससे उन्हें आर्थिक क्षति हो रही है.

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क्यों अपनाई जा रही दोहरी नीति : लोगों का कहना है कि जिस क्षेत्र से संक्रमित मिला है उस क्षेत्र को कंटेनमेंट घोषित किया जाना चाहिए था पर ऐसा नहीं किया गया. व्यावसायियों ने बताया कि उप मंडी क्षेत्र कोमाखान के आसपास संक्रमित मिलने के बावजूद वहां का बाजार खुला हुआ है. बैंक में भारी भीड़ उमड़ रही है उस पर प्रशासन का ध्यान नहीं जा रहा है. यहाँ तक सरकारी दफ्तरों में सोशल डिस्टेंसिंग का कोई पालन नहीं हो रहा है. जब बागबाहरा कंटेनमेंट जोन घोषित है तो किराना की दुकान को होम डिलीवरी के नाम से खोलने आदेश दिया गया है जबकि दुकान में बाहर के कोचिए आ रहे हैं उन्हे दुकानदार सामान दे रहे हैं उसे देखकर अनदेखा किया जा रहा है. एक बाजार में दो तरह की नीति क्यों अपनाई जा रही है. जब किराना दुकान में लगी भीड़ की फोटो प्रशासन को दिखाया गया तो कार्रवाई कुछ नहीं हुआ तुरंत बिना प्रशासन के पहुंचे दुकान बंद हो गया. इससे साफ जाहिर है कहीं न कहीं उक्त दुकानदार को खबर कर दुकान बंद कराई गई होगी. वहीं दूसरी ओर कालाबाजारी पर प्रशासन मौन है. प्रशासन द्वारा प्रतिबंधित सामग्रियों की बिक्री जोरों पर हैं पर खानापूर्ति करने छोटे पान गुमटी वालों पर कार्रवाई की गई.

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यह है नियम : जानकारों के मुताबिक कोई मामला न होने पर 28 दिनों के बाद कंटेनमेंट जोन समाप्त होने का नियम है.28 दिनों का कंटेनमेंट जोन, रेड जोन होने पर लागू होता है जबकि 14 दिनों का कंटेनमेंट जोन लागू होने का नियम तब होता है जब क्षेत्र ऑरेंज जोन हो लेकिन बागबाहरा क्षेत्र ग्रीन जोन से सीधे रेड जोन उस समय बना दिया गया जब क्षेत्र में 6 लोग संक्रमित मिले थे उसमें 4 मुड़पार, 1 भदरसी व 1 बागबाहरा से. बाद में जो बागबाहरा का मरीज़ जांच में टीबी मरीज निकला और उनकी निगेटिव आई. उस स्थिति में बागबाहरा नगर को रेड जोन में रखना सही नहीं कहा जा सकता. इस तथ्य को जनप्रतिनिधियों ने शासन-प्रशासन के समक्ष नहीं रखा.

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