नई दिल्ली. पीएम किसान सम्मान निधि योजना में कई बदलाव हो चुके हैं. अब इस योजना में पति-पत्नी दोनों को पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिलने की बात की जा रही है. पीएम किसान योजना के नियम के अनुसार, पति-पत्नि दोनों पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ नहीं उठा सकते हैं. अगर कोई ऐसा करता है तो उसे फर्जी करार देते हुए सरकार उससे रिकवरी करेगी. अगर अपात्र किसान इस योजना का लाभ उठाते हैं तो उन्हें सरकार को सभी किस्तें वापस करनी पड़ेगी. इस योजना के नियम के तहत किसान परिवार में अगर कोई टैक्स देता है तो इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा. यानी पति या पत्नी में से कोई पिछले साल इनकम टैक्स भरा है तो उन्हें इस योजाना का लाभ नहीं मिलेगा.
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नियम के तहत अगर कोई किसान अपनी खेती की जमीन का इस्तेमाल कृषि कार्य में न कर दूसरे कामों में कर रहे हैं या दूसरों के खेतों पर किसानी का काम तो करते हैं, और खेत उनका नहीं है. ऐसे किसान भी इस योजना का लाभ उठाने के हकदार नहीं हैं. अगर कोई किसान खेती कर रहा है, लेकिन खेत उसके नाम नहीं होकर उसके पिता या दादा के नाम है तो उन्हें भी इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा. अगर कोई खेती की जमीन का मालिक है, लेकिन वह सरकारी कर्मचारी हैं या रिटायर हो चुका हो, मौजूदा या पूर्व सांसद, विधायक, मंत्री हैं तो ऐसे लोग भी किसान योजना के लाभ के लिए अपात्र हैं. अपात्रों की लिस्ट में प्रोफेशनल रजिस्टर्ड डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट या इनके परिवार वाले भी आते हैं.
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