पिथौरा. स्थानीय वन विभाग ने सोमवार को पुनः एक जंगली सुअर का शिकार करने वाले 5 आरोपियों को पकड़कर उनसे शिकार में प्रयुक्त सामग्री सहित सुअर का मांस जब्त किया है. जानकारी के अनुसार वन सुरक्षा श्रमिकों से ग्राम मोहदा की श्रीमती दुखमा बाई जौ सरजू गोड़ ग्राम मोहदा के खेत में करंट तार बिछाकर जंगली सुअर का अवैध शिकार किए जाने की सूचना विभागीय अधिकारियों को मिली थी. जिस पर वन परिक्षेत्र अधिकारी, पिथौरा, उप वनमंडलाधिकारी, पिथौरा एवं वनमंडलाधिकारी, महासमुंद के निर्देशन में तत्काल कक्ष क्र. 217 में दबिश देकर सभी को रंगे हाथों पकड़ लिया.
हिरासत में लिए गए आरोपियों में कुमार सिंह पिता शंकर ठाकुर (30), संतराम पिता पुरन ठाकुर (65), नेहरु पिता जम्मू साहू (39), गेंदराम पिता भिखारी ध्रुव (45), लोकनाथ पिता गणेशराम रावत (22) एवं लालूप्रसाद पिता संतराम यादव (25) सभी मोहंदा निवासी हैं. आरोपियों के पास से बांस की खुंटी 19 नग, काला वायर लगभग 150 किग्रा, जीआई तार लगभग 01 किग्रा, परसुल 02 नग, कत्तल 03 नग, गुफ्ती 02 नग, कुल्हाड़ी 01 नग, सफेद बोरा 03 नग, सफेद झिल्ली 01 नग, लकड़ी का कुंदा 02 नग जब्त की गई. उक्त जंगली सुअर के मृत्यु से संबंधित वन अपराध प्रकरण जारी कर प्रकरण विवेचना में लिया गया. पश्चात् मृत जंगली सुअर के समस्त अंगों सहित पूर्णरुप से वन परिक्षेत्र कार्यालय पिथौरा में जलाया गया.
देवपुर में खुलेआम चल रहा शिकार
इधर, सूत्र बताते हैं कि पिथौरा वन मंडल में शिकारियों को पकड़ने लगातार प्रयास कर रहे हैं वहीं देवपुर वन परिक्षेत्र में अधिकारियों की उपस्थिति में ही लगातार शिकार किए जाने की जानकारी मिल रही है. सूत्र बताते हैं कि इस परिक्षेत्र में पदस्थ एक अधिकारी पूर्व में ही एक शिकार प्रकरण में आरोपी रह चुके हैं. लिहाजा अब इन्ही अधिकारियों को पदस्थापना से शिकार एवं अनेक वन अपराधों में बेतहाशा वृद्धि सुर्खियों में है. ज्ञात हो कि इस संबंध में बलौदाबाजार के वन मण्डलाधिकारी पहले ही पत्रकारों को यह कह चुके हैं कि आप शिकारियों के बारे में बताओ हम कार्रवाई करेंगे. उक्त अधिकारी के इस बयान से अब शिकारी बेख़ौफ़ होकर शिकार कर उसका मांस शहरों तक भेज भी रहे हैं.
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